पेसा कानून

विधानसभा चुनाव : झारखंड में झूलता ‘पेसा कानून’

हाल में घोषित झारखंड विधानसभा चुनावों की 13 और 20 नवंबर की तारीखों ने अब तक कछुआ चाल से ठुमक रहे ‘पेसा कानून’ को फिर से हवा दे दी है। करीब तीन दशक पहले संसद में पारित आदिवासियों के लिए…

‘पेसा कानून’ के बरक्स बसनिया बांध

आज के विकास की मारामार में सरकारें और कंपनियां उन कानूनों तक को अनदेखा कर रही हैं जिन्हें बाकायदा संसद में पारित किया गया है। इन कानूनों के मैदानी अमल के लिए बनाए जाने वाले नियमों में, मूल कानून की…

‘पेसा’ के प्रभाव : कितना मानेंगे, सरकारी मोहकमे

संसद में अपने पारित होने के करीब 26 साल बाद मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटैल ने ‘पंचायत उपबंध (अधिसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम – 1996’ यानि ‘पेसा’ को लागू करने के लिए संबंधित विभागों की सहमति मांगी है। जैसा आमतौर…

नियमों के जरिए कमजोर किया जाता, ‘पेसा’ का प्रभाव

‘पेसा कानून’ के पारित होने की करीब चौथाई सदी बीत जाने के बाद अब जाकर मध्यप्रदेश में उसे लागू करने के लिए नियम बनाए जा रहे हैं। विडंबना यह है कि इन नियमों में अनेक विसंगतियां हैं। मसलन- जिस ग्रामसभा…

‘पेसा’ (PESA) से उलट ‘पेसा’ (PESA) के नियम

जनजातीय गौरव दिवस’ (15 नवम्बर) मध्यप्रदेश सरकार को करीब ढाई दशक पहले संसद में पारित ‘पेसा कानून’ की अब जाकर सुध आई है। पांच महीने पहले ‘पेसा’ के नियम-कानूनों का दस्तावेज तैयार करके उस पर संबंधित विभागों की राय मांगी गई,…