आदिवासी समाज

समाज : डायन प्रथा का दंश 

सम्पत्ति और अक्सर मामूली सम्पत्ति के लिए किसी पर डायन या जादू-टोना का लांछन लगाकर क्रूरतापूर्वक मार देना इक्कीसवीं सदी के बिहार में अब भी जारी है। विडंबना यह है कि करीब अस्सी साल की आजादी के बावजूद सरकारें और…

संरक्षित जंगलों में असुरक्षित आदिवासी

पिछले कुछ सालों से आदिवासियों, वन-निवासियों की एकजुटता, संघर्ष और लगातार बढ़ती ताकत के चलते उनके हित में अनेक कानून बने हैं, सरकारें भी उन्हें संरक्षण देने की घोषणाएं करती रहती हैं, लेकिन क्या सचमुच इन प्रयासों से आदिवासियों का…

जनजातीय गौरव दिवस और सत्ता प्रतिष्ठान का दोहरा चरित्र

आज सत्ता प्रतिष्ठान बिरसा मुंडा का नाम लेते हैं परन्तु यही सत्ता विकास के नाम पर लाखों आदिवासियों को उनके जल-जंगल-जमीन से बेदखल कर विस्थापित कर दिया है। विस्थापन की त्रासदी ऐसी की शहर के झुग्गी झोपड़ी में रहकर मजदूरी…