समाचार

महिलाओं को अवसर मिले तो समाज बदल सकता है : डॉ. प्रीति जोशी

श्री काशिनाथ त्रिवेदी स्मृति चतुर्थ व्याख्यानमाला इंदौर, 16 फरवरी। “आधी आबादी को उसका पूरा हक मिलना चाहिए, क्योंकि स्त्री की असली पहचान और स्वतंत्रता उसके स्वावलंबन में है।” यह विचार वर्धा (महाराष्ट्र) से आईं पर्यावरणविद एवं स्त्री-शक्ति के लिए समर्पित…

‘एक देश एक चुनाव’ तभी ठीक जब खर्च का जिम्मा चुनाव आयोग उठाये- रघु ठाकुर

पुस्तक ‘ समय के प्रश्न ‘ का कांस्टीट्यूशन क्लब में लोकार्पण नई दिल्ली, 15 फरवरी। सुप्रसिद्ध समाजवादी चिंतक व जननेता रघु ठाकुर की पुस्तक ‘समय के प्रश्न’  के विषय में पत्रकारिता, राजनीति व सामाजिक क्षेत्र के विशिष्ट लोगों ने राय…

केंद्र सरकार से किसानों का विश्वास टूटा, व्यापार समझौते और नए विधेयक किसान विरोधी — भाकियू

नई दिल्ली, 11 फ़रवरी। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने भारत सरकार द्वारा अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ किए गए हालिया व्यापार समझौतों और कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावित विधेयकों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि इन कदमों…

“अरावली पर्वतमाला की पारिस्थितिकी, पर्यावरण और कृषि” विषयक अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव की जनघोषणा

उदयपुर। भारत और दुनिया से आए विशेषज्ञ एवं पर्यावरण चिंतक अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के साझा संकल्प के साथ उदयपुर में एकत्र हुए। 7–8 फरवरी को जनार्दन राय नगर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय) में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव, चौथे…

अरावली केवल पर्वत नहीं, जीवनदायिनी पारिस्थितिक व्यवस्था है: राजेंद्र सिंह

उदयपुर में चतुर्थ विश्व जल सम्मेलन में अरावली क्षेत्र की पारिस्थितिकी, पर्यावरण एवं कृषि पर विमर्श रिपोर्ट पुनीत कुमार उदयपुर, 7 फरवरी। जनार्दन राय नगर राजस्थान विद्यापीठ, उदयपुर में आयोजित चतुर्थ विश्व जल सम्मेलन के प्रथम दिवस पर देश विदेश…

रेडटेप आंदोलन के प्रणेता प्रभात मिश्रा को मिला ‘निर्मल कुमार जोशी वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार’

बांदा, 04 फ़रवरी। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा के ग्राम अंधाव, बबेरू में चण्डी प्रसाद भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र तथा मंगलभूमि फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक कार्यक्रम में पर्यावरणविद् एवं ‘रेडटेप आंदोलन’ के प्रणेता प्रभात मिश्रा को…

CAG ऑडिट का खुलासा, पाँच साल में स्वास्थ्य बजट के 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च ही नहीं हुए

नई दिल्ली, 02 फरवरी | केंद्रीय बजट 2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बढ़े हुए आवंटन के दावों के बीच नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताज़ा ऑडिट रिपोर्ट ने सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की एक गंभीर और चिंताजनक तस्वीर सामने…

गांधी कर्म के दार्शनिक थे, भाषणों के नहीं : साहित्‍यकार विजय बहादुर सिंह

भोपाल, 30 जनवरी। ‘’महात्मा गांधी केवल विचारक या नेता नहीं थे, बल्कि वे कर्म के दार्शनिक थे। उनका दर्शन बोलने में नहीं, बल्कि करने में प्रकट होता है। गांधी को समझने के लिए उन्हें देवता की तरह पूजने के बजाय…

गांधी विचार आज भी दुनिया की नैतिक पूँजी : चंद्रकांत झटाले

लोक संवाद–विचार मंच द्वारा सामाजिक सदभाव के लिए बलिदान विषय पर व्याख्यान इंदौर, 30 जनवरी। ”दुनिया आज भी भारत को महात्मा गांधी के नाम से जानती है।क्योंकि गांधी किसी व्यक्ति नहीं, बल्कि एक नैतिक दृष्टि हैं। गांधी अहिंसा को कायरता…

गांधीजी ने सत्य, अहिंसा, शुचिता, स्वदेशी और स्वाध्याय के बल पर देश को आजादी दिलाई

शहीद दिवस पर ‘मोहन से महात्मा तक’ कार्यक्रम में भारती दीक्षित ने प्रस्‍तुत की दास्‍तानगोई इंदौर 30 जनवरी। गांधीजी उस महान व्यक्तित्व का नाम था, जिनके पास न सत्ता थी, न पद था, न सिंहासन था, लेकिन हौसले इतने बुलंद…