लंबे समय से जिस कानून को लेकर सड़क से लेकर संसद तक घमासान मचा हुआ था, आखिरकार उन तीन कृषि कानूनों के अंत का ऐलान हो ही गया। दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसान आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री ने तीनों…
खाद्य तेल का टोटा हमें अक्सर विदेशों से आयात की तरफ धकेलता रहता है और इसी से निपटने के लिए प्रधानमंत्री ने हाल में खजूर के तेल (पाम-आयल) की खातिर खजूर की खेती प्रस्तावित की है। लेकिन क्या खजूर की…
कैंसर सरीखी बीमारियों के व्यापक फैलाव के चलते, हमारे रोजमर्रा के भोजन में मौजूद जहर अब कोई अनजानी बात नहीं रह गई है। सवाल है, इससे कैसे निपटा जाए? एक तरीका बरसों आजमाई गई पुरानी, पारंपरिक फसलों को पुनर्जीवित करने…
विकास की जिस अवधारण को लेकर हम अपनी कथित प्रगति करने में लगे हैं, उसमें सभी तरह के प्राकृतिक संसाधनों की बर्बादी साफ दिखाई देती है। उत्तराखंड इससे अछूता नहीं है जहां थोडे समय में करीब सवा लाख हैक्टेयर कृषि…
दिल्ली की सीमाओं पर कई महीनों से धरना देकर बैठे किसानों की दो कानूनों और एक कानून में संशोधन को वापस लेने के अलावा एक महत्वपूर्ण मांग सभी 23 फसलों पर ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ लागू करने का कानून बनाने की…
ग्लोबल वार्मिंग की वजह से होने वाली चरम घटनाओं का कृषि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा, विशेष रूप से भारत के लिए जहां अभी भी खेती की भूमि का एक बड़ा हिस्सा मानसून की बारिश पर निर्भर है। भारत एक…
विकास के मौजूदा ढांचे में भूमि सर्वाधिक कीमती जिन्स मानी जा रही है, पूंजी और कारपोरेट हितों ने उस पर अधिक-से-अधिक कब्जा भी जमा लिया है, लेकिन क्या इस तरह से हम अपनी भोजन की बुनियादी जरूरतों को भी संकट…
दुनियाभर में कृषि का मौजूदा तरीका अब सवालों के घेरे में आता जा रहा है। उत्पादन में गैर-जरूरी वृद्धि पर आधारित यह तरीका पर्यावरण, पानी, जमीन, हवा जैसे कृषि के प्राकृतिक उपादानों को खतरे में डाल रहा है और कहीं-कहीं…
पिछले करीब सवा दो महीनों से दिल्ली को घेरे बैठे किसानों के आसन्न संकट के दौरान आए केन्द्र सरकार के बजट से किसान-हितैषी होने की अपेक्षा थी। वित्तमंत्री ने अपने बजट भाषण में यत्र-तत्र किसानों का जिक्र भी किया, लेकिन…
दिल्ली की चौहद्दी पर पिछले करीब 21-22 दिनों से जारी किसान आंदोलन ने खेती-किसानी को कम-से-कम बहस के लायक तो बना ही दिया है। इस लिहाज से देखें तो पिछले तीन-साढे तीन सप्ताह देशभर के लिए कृषि-प्रशिक्षण का बेहतरीन मौका…