कृषि संसार

रोजगार सृजन : बांस में है बहुत कमाई

बांस, घास की एक ऐसी प्रजाति है जो हमारे रोजमर्रा के जीवन में बहुतायत से मौजूद है। अब तो उसे पैट्रोल, डीजल जैसे जीवाश्म ईंधन के साथ मिलाकर वाहनों में भी प्रयोग किया जाने लगा है। दुनिया में भारतवर्ष दूसरे…

प्राकृतिक खेती : हिम्मत बंधाता हमीरपुर

विकास के शहरी ताम-झाम से थोडा भी बाहर निकलें तो हमें अपने लिए कारगर, उपयुक्त और लाभदायक विकास की बानगियां दिखाई देने लगती हैं। उत्तरप्रदेश के हमीरपुर जिले का यह इलाका इसी बात की तस्दीक करता है। संतोष एक ऐसा…

निर्यात हेतु ‘जीएम’ बासमती नहीं, तो देशवासियों के लिए ‘जीएम’ सरसों क्यों?

खेती में अनेक सरकारी हस्तक्षेपों की तरह ‘जीन-संवर्धित’ बीजों को लाने के पीछे भी उत्पादन बढाने का बहाना किया जा रहा है, लेकिन क्या बिना जांच-पडताल के किसी अज्ञात कुल-शील बीज को खेतों में पहुंचाना ठीक होगा? सरसों और धान…

खेती किसानी : क्या सचमुच मिलेट के दिन फिरेंगे ?

मिलेट जैसे ज्वार बाजरा आदि के दाने बहुत छोटे आकार के होते है। इसके उलट अनाज मसलन गेहूं, चावल, मक्का आदि के दाने बड़े आकार के होते है। दोनों में यह मूलभूत अंतर है। मिलेट को फिर से मुख्य धारा…

खाद्यान्न की बर्बादी : खतरे में खाद्यान्न

दुनियाभर में सबके लिए पेट-भर भोजन एक बडी समस्या बनता जा रहा है, लेकिन उससे पार पाने के लिए कोई कारगर उपाय सामने नहीं आ रहे हैं। दूसरी तरफ, बडी मात्रा में खाद्यान्न की बर्बादी इस संकट की विडंबना को…

झूठे साबित हुए किसानों की आय दोगुना करने और खेती को लाभ का धंधा बनाने के दावे

हजारों किसानों द्वारा की जाएगी दिल्ली में गर्जना, सरकार के खिलाफ गहरा आक्रोश डॉ. सन्तोष पाटीदार भारतीय किसान संघ प्रदेश के बाद अब केंद्र सरकार की कृषि नीतियों के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने जा रहा है। इस विरोध प्रदर्शन…

खेती-किसानी छोड़ आंदोलन की तैयारी में भाजपा के किसान

पिछले साल राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर सालभर से ज्यादा धरना-रत रहे किसानों ने सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में अब एक फिर आंदोलन का मन बनाया है। इसमें सत्तारूढ़ ‘भाजपा’ से जुडे ‘भारतीय किसान संघ’ ने अगुआई का तय…

कृषि संसार : ज्वार के जरिए खाद्य-सुरक्षा

साठ के दशक में लाई गई ‘हरित-क्रांति’ ने बेहद सीमित, खासकर गेहूं-चावल की, फसलों को बेतरह बढ़ावा दिया था, लेकिन इसने कई पौष्टिक, कम लागत की आसान फसलों को दरकिनार कर दिया था। क्या आज के दौर में फिर से…

आधुनिक खेती के खतरे

आंकडे और अध्ययन बताते हैं कि जलवायु परिवर्तन का सर्वाधिक असर खेती पर पड रहा है। नतीजे में उत्पादन, बीज, मिट्टी, पानी, यहां तक कि भूख, सभी संकट में फंसते जा रहे हैं। क्या इससे पार पाने का कोई तरीका…

हमें चाहिए प्रोग्रेसिव स्कूल, जहां मिले बेहतर शिक्षा और समान अवसर : सोनाझारिया मिंज

17वीं अखिल भारतीय जन विज्ञान कांग्रेस में पर्यावरण, कृषि, आजीविका, लैंगिक समानता जैसे विषयों पर विमर्श भोपाल, 8 जून। 17वीं अखिल भारतीय जन विज्ञान कांग्रेस में पर्यावरण, कृषि, आजीविका, लैंगिक समानता जैसे विषयों पर आज सेमिनार एवं कार्यशालाओं का आयोजन…