पूंजी के बाजार में एक व्यवसाय की हैसियत से मीडिया के आ जाने से अव्वल तो वह जन सामान्य को अनदेखा करते हुए, बाजार-हितैषी खबरों का अबाध स्रोत बन जाता है और दूसरे, उसकी मार्फत आम समाज की राय तय…
हमारे जीवनकाल में ही हमारे सामने आये नैरेटिव नष्ट हो जाते हैं। आज हमारे बीच हज़ारों सालों पुराने, सैकड़ों सालों पुराने, दसियों सालों पुराने और कुछ सालों पुराने सारे युद्ध एक साथ छिड़ गए हैं। धर्म, जाति, नस्ल, रंग, लिंग,…
दुनिया की अमीरी उजागर करने के लिए जिस तरह ‘फोर्ब्स’ पत्रिका समेत अन्य भांति-भांति की रिपोर्टं प्रकाशित की जाती हैं, ठीक उसी तरह दुनियाभर की भुखमरी उजागर करने की खातिर ‘ग्लोबल हंगर इंडेक्स रिपोर्ट’ का सालाना प्रकाशन होता है। इस…