Month: April 2026

पंचायती राज : लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने की ऐतिहासिक पहल

भारत में पंचायती राज व्यवस्था लोकतंत्र को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे 73वें संविधान संशोधन के जरिए संवैधानिक दर्जा मिला। वैदिक काल से चली आ रही स्थानीय स्वशासन की परंपरा को आधुनिक स्वरूप देते हुए…

पंचायत राज : विकेंद्रीकरण का सपना या जमीनी हकीकत से भटका तंत्र?

भारत में 73वें संविधान संशोधन के जरिए मजबूत की गई पंचायत राज व्यवस्था का उद्देश्य ग्राम स्तर पर लोकतंत्र, विकास और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना था। लेकिन 33 वर्षों बाद भी यह व्यवस्था अपनी मूल भावना से भटकती दिख…

संग-साथ का श्रम : खेती के लिए ‘अड़जी-पड़जी’

नब्बे के दशक की शुरुआत में आए भू-मंडलीकरण के बाद की सभी रंगों-झंडों की सरकारों की सबसे बड़ी चिंता रही है – कृषि में लगी ग्रामीण आबादी के ‘सरप्लस’ को किस तरह उद्योगों यानि शहरों की तरफ हकाला जाए। विडंबना…

मध्य प्रदेश में जमीन अधिग्रहण मुआवजा अब चार गुना, कैबिनेट का बड़ा फैसला, नर्मदा बचाओ आंदोलन की बड़ी जीत 

किसानों और नर्मदा बचाओ आंदोलन के संघर्ष बाद सरकार ने बदला मुआवजा फॉर्मूला भोपाल, 22 अप्रैल। आज मध्य प्रदेश सरकार ने कैबिनेट में फैसला लिया है कि भू-अर्जन कानून 2013 के तहत दिए जाने वाले मुआवजे में गुणांक (मल्टीफिकेशन फैक्टर)…

संकट के मुहाने पर खड़ी पृथ्वी

22 अप्रैल को मनाया जाने वाला विश्व पृथ्वी दिवस हमें आत्ममंथन का अवसर देता है। विकास और उपभोग की अंधी दौड़ के बीच पृथ्वी अभूतपूर्व संकट से गुजर रही है—जलवायु परिवर्तन, जल संकट, प्रदूषण और घटती जैव विविधता इसके स्पष्ट…

अरावली की परिभाषा पर सवाल : विरासत बनाम खनन का संघर्ष

अरावली पर्वतमाला की परिभाषा को लेकर उठे सवाल अब राष्ट्रीय चिंता का विषय बन चुके हैं। स्वतः संज्ञान याचिका के तहत यह मुद्दा उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है, जहां 100 मीटर ऊंचाई के आधार पर क्षेत्र सीमित करने पर विवाद…

नियामकीय सुधारों के बावजूद अनैतिक क्लिनिकल ट्रायल जारी : स्वास्थ्य अधिकार मंच

नर्ईदिल्‍ली, 21 अप्रैल। स्वास्थ्य अधिकार मंच  पिछले 15 वर्षों से भारत में अनैतिक क्लिनिकल ट्रायल के मुद्दे को लगातार उठाता रहा है। वर्ष 2012 में इसे लेकर उच्चतम न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें देश में…

पृथ्वी दिवस : पृथ्वी के साथ छलबल ठीक नहीं

आज पृथ्वी दिवस हमें याद दिलाता है कि पर्यावरण संरक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि अस्तित्व का प्रश्न बन चुका है। ‘हमारी शक्ति, हमारा ग्रह’ थीम के साथ यह दिन अक्षय ऊर्जा और सतत विकास की ओर प्रेरित करता है। वनों…

धधकती धरती : विकास की अंधी दौड़ या विनाश का काउंटडाउन

ग्लोबल वार्मिंग की गिरफ्त में पृथ्वी धरती आज केवल गर्म नहीं हो रही, बल्कि मानवीय लालसाओं के कारण भीतर ही भीतर धधक रही है। हर वर्ष मनाया जाने वाला पृथ्वी दिवस हमें इस गंभीर पर्यावरणीय संकट की याद दिलाता है,…

पृथ्वी दिवस : एक चेतावनी, हम नहीं बदले तो पेट्रोल से महंगा होगा पानी

पृथ्वी दिवस अब उत्सव नहीं, चेतावनी बन चुका है। जल संकट गहराता जा रहा है, नदियां सूख रही हैं, पहाड़ उजड़ रहे हैं और शहरीकरण प्रकृति का संतुलन बिगाड़ रहा है। विशेषज्ञों की चेतावनी है कि यदि प्राकृतिक संसाधनों का…