सत्ता, सेठ और समाज में बढ़ी पूंजी की हवस ने अब पवित्र तीर्थों को पैसा कूटने वाले पर्यटन-स्थलों में तब्दील कर दिया है। यह इस हद तक हो रहा है कि तीर्थस्थलों के आसपास के लोगों, पर्यावरण और जीवन तक…