प्रकृति से बढ़ती दूरी अब केवल भावनात्मक संकट नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व का प्रश्न बन चुकी है। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के अध्ययन के अनुसार, प्रकृति से अलगाव पर्यावरणीय विनाश का मूल कारण है। औद्योगिकीकरण और शहरीकरण ने विकास तो दिया, पर…
ब्राज़ील के बेलेम में आयोजित कॉप-30 जलवायु सम्मेलन का उद्देश्य उष्णकटिबंधीय वनों की रक्षा बताता है, पर विडंबना यह है कि इसी क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 50 हजार पेड़ काटे जा रहे हैं। सम्मेलन में आने वाले नेताओं और विशेषज्ञों…
डॉ. ओ. पी. जोशी पेड़ों की मां (मदर ऑफ़ द ट्रीज) के नाम से प्रसिद्ध गरीब एवं अनपढ़ सालूमरदा थिमक्का का 114 वर्ष की आयु में बैंगलूरू के निजी अस्पताल में 14 नवंबर 25 को निधन हो गया। उन्हें आलामरदा…
विभिन्न एग्रो-क्लाइमेटिक ज़ोन से प्रतिनिधि शामिल, शिक्षा–विज्ञान–डिज़ाइन संस्थानों के विशेषज्ञों ने रखे विचार नई दिल्ली, 16 नवंबर। तरूण भारत संघ के तत्वावधान में भू–सांस्कृतिक मानचित्र (Geo–Cultural Map) को लेकर दो दिवसीय राष्ट्रीय विचार मंथन कार्यशाला का आयोजन इंडियन नेशनल साइंस…
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक सुधार के इतिहास में आचार्य विनोबा भावे का व्यक्तित्व अद्वितीय और प्रेरक रहा है। गांधीजी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले विनोबा ने अहिंसा, सेवा और आत्मनिर्भरता को जीवन का आधार बनाया। भूदान आंदोलन, सर्वोदय…
भारतीय जीवन-दर्शन का मूल प्रकृति और संस्कृति के उस सनातन योग में निहित है, जिसने पंचमहाभूतों से सृष्टि की रचना की और मानव जीवन को आचार-विचार, आरोग्य, संतुलन व समृद्धि का मार्ग दिया। जैसे-जैसे यह योग टूटता गया, आर्थिकी, पारिस्थितिकी…
बच्चों के प्रति अपने स्नेह और विश्वास के कारण पंडित जवाहरलाल नेहरू भारतीय बाल-चेतना के सबसे बड़े संरक्षक माने जाते हैं। उनके जन्मदिवस 14 नवम्बर का ‘बाल दिवस’ के रूप में मनाया जाना इसी भावना का प्रतीक है। नेहरू का…
पंडित जवाहरलाल नेहरु भारत के स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे प्रखर नायक थे जिन्होंने न केवल आजादी की लड़ाई में निर्णायक भूमिका निभाई, बल्कि स्वतंत्र भारत की लोकतांत्रिक नींव, औद्योगिक आधार और वैश्विक पहचान को भी मजबूत किया। विश्वशांति, गुटनिरपेक्षता और…
आचार्य कृपलानी स्मृति व्याख्यान-2025 का आयेाजन नई दिल्ली, 11 नवंबर। हिंदी भवन में रविवार को आचार्य कृपलानी स्मृति व्याख्यान-2025 का आयोजन किया गया। व्याख्यान में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद श्री के. सी. त्यागी उपस्थित थे। कार्यक्रम की…
भोपाल में कल आयोजित होगा जलाशय मछुआरों का वार्षिक अधिवेशन भोपाल, 11 नवंबर। राज्य मत्स्य महासंघ द्वारा जलाशयों में कार्यरत प्राथमिक मछुआरा सहकारी समितियों के सदस्यों का वार्षिक अधिवेशन बुधवार को भोपाल में आयोजित किया जा रहा है। इस संदर्भ…