ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष के साथ-साथ समाज सुधार और आत्मनिर्भरता की अलख जगाने वाले महात्मा गांधी का ओड़िशा प्रवास स्वतंत्रता आंदोलन का ऐतिहासिक अध्याय बन गया। 1921 और 1925 में कटक में हुए उनके प्रवास ने खादी, चरखे और…
भारतीय संस्कृति में बुजुर्गों का सम्मान सदैव सर्वोपरि माना गया है, किंतु आज वृद्धों की उपेक्षा और अत्याचार गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1991 से प्रतिवर्ष 1 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाने की पहल…
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में महिला जागृति अभियान की पांचवी वर्षगांठ पर वरिष्ठ साहित्यकार अरुणा खरगोनकर द्वारा संपादित विधवाओं की दशा पर केंद्रित एक अभूतपूर्व स्मारिका का लोकार्पण किया गया, जो नई सदी में विधवाओं से संबंधित मुद्दों पर…
संयुक्त राष्ट्र की 80वीं महासभा न्यूयॉर्क में ‘बेटर टूगेदर’ के नारे के साथ शुरू हुई, जिसमें शांति, विकास और मानवाधिकारों के लिए वैश्विक एकजुटता पर जोर दिया गया। युवा अध्यक्ष ऐनालेना बेयरबॉक ने अपने विजन में इसे स्पष्ट किया। महासभा…
इंदौर में सेवा सुरभि द्वारा आयोजित गांधी जयंती व्याख्यान में राहुल देव का उद्बोधन इंदौर, 28 सितम्बर। “आज के हर मोहल्ले और हर शहर में दस-दस, पचास-पचास गांधी चाहिए। जब तक गांधी की राह पर चलने वाले लोग सामने नहीं…
कुछ दिन पहले गुवाहाटी में गायक, संगीतकार जुबीन गर्ग की अंतिम यात्रा में उमड़े लाखों लोगों ने साबित कर दिया है कि कलाएं यदि ईमानदार, जनपक्षीय और सहज हों तो कैसा चमत्कार हो सकता है? यह चमत्कार हमें भूपेन हजारिका,…
नई दिल्ली, 26 सितंबर। महात्मा गांधीजी के जीवन से जुड़ी लगभग 7000 दुर्लभ छवियों को एक वर्ष की कठिन साधना से कोलाज कला के रूप में साकार करने वाले रूस के प्रख्यात चित्रकार इगोर अनातोलेविच प्शेनित्सिन (निझ्नी नोवगोरोद) Igor Anatolievich…
गोपेश्वर, 26 सितंबर। प्रसिद्ध पर्वतारोही एवं शिक्षाविद् डॉ. हर्षवंती बिष्ट को वर्ष 2025 के केदार सिंह रावत पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें यह सम्मान गंगोत्री क्षेत्र में भोजपत्र के वनों को बचाने और भोजपत्र के नए वन विकसित…
वाराणसी, 23 सितम्बर। गांधी विचारों के अध्ययन, शोध, प्रसार और प्रयोग की साधना स्थली रहे राजघाट, वाराणसी से 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन शुरू होकर 26 नवम्बर संविधान दिवस को दिल्ली में समाप्त होने वाली गांधी पदयात्रा एक ऐतिहासिक…
लद्दाख में पाँच वर्षों से अधूरी पड़ी माँगों ने अब चिंता और असंतोष को नया मोड़ दे दिया है। शांतिपूर्ण तरीक़े से शुरू हुआ आंदोलन हाल ही में उग्रता की ओर बढ़ा, जहाँ युवाओं की बेचैनी साफ़ दिखाई दी। यह…