Day: September 13, 2025

भाषा नहीं, भारत की पहचान का वैश्विक विस्तार है हिन्दी

हिन्दी दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक जड़ों और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। यह दिन हमें मातृभाषा की गरिमा और वैश्विक महत्व को समझने का अवसर देता है। हिन्दी की सरलता, सौंदर्य और विविधता इसे विश्व मंच पर…

विचार : भविष्य में युवा राष्ट्र से कहीं बूढ़ा भारत न बने!

देश की जनसंख्या को लेकर कोई भी टिप्पणी प्रतिक्रिया की वजह बनती है। हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हर परिवार को तीन बच्चे पैदा करना चाहिए। इसके पीछे भी उन्होंने एक कारण बताया। संभव है…

विकास : बीत चुका है, हिमालय को सुनने का समय  

मौजूदा विकास की बेहूदगी से किसी तरह अब तक बचे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के वाशिंदे चीख-चीखकर गुहार लगा रहे हैं कि अगले दस-पंद्रह सालों में उनके राज्यों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। आप यदि ध्यान से इन दिनों आने…