Month: March 2025

गोरैया : कहां गायब हो गई यह छोटी चिडिय़ा?

गोरैया को बचाना केवल पर्यावरण की नहीं, बल्कि हमारी भावनाओं और संस्कृति की भी जरूरत है। यह चिडिय़ा हमारे बचपन की साथी रही है, हमारे आंगन की रौनक रही है। इसे वापस लाना है तो इसके लिए हमें अपने घरों,…

Sunita Williams Return : किसी चमत्कार से कम नहीं है अंतरिक्ष से धरती पर यह वापसी !

अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 286 दिनों बाद धरती पर लौट आई हैं। वे केवल आठ दिनों के लिए अंतरिक्ष गई थीं, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण उनकी वापसी टलती रही। उनकी सुरक्षित वापसी ने दुनिया को राहत की सांस लेने…

प्लास्टिक प्रदूषण – एक जानलेवा संकट

आधुनिक विकास के नाम पर जिन ‘भस्मासुरों’ को बनाया, बढ़ाया जा रहा है, प्लास्टिक उनमें से एक है। कुल-जमा सौ-सवा सौ साल पहले ईजाद किया गया यह कारनामा आज प्रकृति-पर्यावरण और इंसानों के अस्तित्व के लिए संकट बन गया है।…

भारतीय अर्थव्यवस्था : किनके लिए अर्थ-व्यवस्था ? 

अखबारों में भले ही ‘तीन ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था’ बताकर हमारे देश को आर्थिक रूप से श्रेष्ठ देशों की पंक्ति में शामिल बताया जाता हो, लेकिन मैदानी हालात खस्ता हैं। इसकी बानगी के लिए इतना जानना ही काफी है कि देश…

विश्व जल दिवस पर पानी पंचायत पर्व का आयोजन, तरुण भारत संघ के 50 वर्षों के जल संरक्षण कार्यों की गाथा ‘पानी पंचायत’ का होगा लोकार्पण

नई दिल्ली, 22 मार्च 2025। विश्व जल दिवस World Water Day 22 मार्च के मौके पर दिल्ली में “पानी पंचायत पर्व” का भव्य आयोजन राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर स्मृति न्यास के तत्‍वावधान में होने जा रहा है। इस महत्‍वपूर्ण आयोजन…

मेगसेसे पुरस्‍कार से सम्‍मानित राजेन्द्र सिंह ने किंग चार्ल्स तृतीय को चंबल आने का दिया न्‍यौता

लंदन, 16 मार्च 2025। जल संरक्षण के क्षेत्र में अपने अद्वितीय कार्यों के लिए पानी वाले बाबा के नाम से ख्‍यात राजेन्द्र सिंह ने बकिंघम पैलेस, लंदन में यूनाइटेड किंगडम के किंग चार्ल्स तृतीय से मुलाकात की। इस भेंट के…

बढ़ता तापमान : गर्मी से गहराता संकट

नई सरकार के गठन की आपाधापी में राजधानी दिल्ली समेत देश के अनके इलाके अपने जल संकट और उबलती गर्मी की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं खींच पाए। दिनों-दिन गहराते ये संकट क्या केवल राजनीतिक खींचतान की वजह से ही हैं?…

भारत-अमेरिका : किसके हाथ में है, ‘ट्रम्प कार्ड’ ! 

डेढ-पौने दो महीने पहले अमेरिका ने अपने लिए जिस राष्ट्रपति का चुनाव किया था वह डोनॉल्ड ट्रम्प तेजी से समूची दुनिया को हलाकान करने में लगा है। उसने ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ यानि ‘मागा’ के बहाने हाल के बरसों की…

Global Warming : पृथ्वी की सेहत की चिंता करना भी जरुरी

पृथ्वी की केवल 15 फीसदी जलमग्न भूमि ही प्रदूषण से अप्रभावित है क्योंकि चार करोड़ टन की भारी धातु, जहरीला कीचड़ और अन्य औद्योगिक कचरा दुनियाभर में पानी में फेंका जा रहा है जिससे 85 फीसदी जलमग्न भूमि प्रदूषित हो चुकी है। तीन अरब से…

बर्लिन से ज़्यादा ऊंची नफ़रत की दीवारों पर ख़ामोश हैं सत्ता प्रतिष्ठान ?

आज़ादी के बाद (या शायद पहले भी) कभी ऐसा नहीं हुआ होगा कि मस्जिदों को तिरपालों से ढाका गया हो या नमाज़ों का वक्त बदला गया हो । मुस्लिमों से कहा गया कि वे घरों के भीतर रहते हुए चल…