Month: November 2024

पलायन और विस्थापन नियति है आदिवासियों की

निमिषा सिंह देश की आबादी में अनुसूचित जनजाति के लोगों की तादाद 8.6% है, लेकिन विकास परियोजनाओं के कारण विस्थापित होने वाले लोगों की कुल संख्या में अनुसूचित जनजाति के लोगों की तादाद 40 प्रतिशत है। जाहिर है, जनजातीय लोगों को जो भारतीय संविधान की पांचवीं अनुसूची से आच्छादित हैं, भूमि-अधिग्रहण, विस्थापन…

देश का पिछड़ता पर्यावरण

जिन वन और वन्यप्राणियों को इंसानी हस्तक्षेप से बचाने की खातिर समूची सरकारी ताकत जंगलों में बसे इक्का-दुक्का गांवों को खदेड़ने में लगी है, उन्हीं वनों को दान-दक्षिणा में पूंजीपतियों को सौंपा जा रहा है। क्या इस तरह की मौजूदा…

ओडिशा में सर्वोदय आंदोलन पर केंद्रित महत्वपूर्ण पुस्तक का विमोचन

सर्वोदय त्याग और सृजन का इतिहास है – चंदन पाल भुवनेश्वर, 17 नवंबर।  महात्मा गांधी के सर्वोदय विचार और स्वतंत्रता के बाद समानता व समृद्धि के साथ एक नए भारत के निर्माण की परंपरा को याद करते हुए, ओडिशा में…

दिल्‍ली : हर साल सांसों का ये कैसा आपातकाल?

दिल्ली में इन दिनों एक प्रकार से सांसों का आपातकाल सा दिखाई दे रहा है, जहां चारों ओर स्मॉग की चादर छाई दिखती है। स्मॉग की यह चादर कितनी खतरनाक है, इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि…

वेपराइजेशन ऑफ़ हिंदू फेस्टिवल : त्यौहारों के तनाव

हमारे यहां त्यौहार सदियों से आपसी मेल-जोल और सामूहिक आनंद के प्रतीक रहे हैं और आमतौर पर इन्हें धर्म की बजाए क्षेत्रीय विशेषताओं के आधार पर मनाया जाता है। बंगाल में दुर्गा-पूजा या गुजरात में नवरात्रि धर्म की बजाए स्थानीयता…

स्‍मरण : अन्न परंपरा के लिए जूझ रहा था – देबजीत सरंगी

आज के खाऊ-उडाऊ विकास के सामने कई लोग अपनी परम्पराओं, पद्धतियों को लेकर निष्ठा से डटे हैं। उनमें से एक देबजीत सरंगी भी थे। पिछली मई में करीब 54 साल की उम्र में उनका सदा के लिए विदा होना दुखद…

बुलडोजर एक्शन के नाम पर कानून राज को खत्म किया जा रहा है : सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप प्रियदर्शी

राजघाट परिसर के सामने चल रहते हुए सत्याग्रह पहुंचा 67वें दिन वाराणसी, 16 नवंबर। गांधी विरासत को बचाने के लिए वाराणसी स्थित राजघाट परिसर के सामने चल रहे सत्याग्रह का 67 वें दिवस के पायदान पर पहुंच गया है। स्वतंत्रता…

“हमारे बुजुर्ग हमारा सम्मान” सामुदायिक रेडियो कनेक्ट एफएम 107.8 पर नई रेडियो श्रृंखला

दिल्ली। वरिष्ठ नागरिकों को सशक्त बनाने और उन्हें सम्मानित जीवन प्रदान करने की दिशा में सामुदायिक रेडियो कनेक्ट एफएम 107.8 (एस एम सहगल फाउंडेशन की एक पहल) पर  सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय और सामुदायिक रेडियो एसोसिएशन के सहयोग से…

पांच दशक की लेखन यात्रा : क्या, क्‍यों और कैसे लिखें, लेखक?

वैकल्पिक पत्रकारिता कही जाने वाली विधा में भारत डोगरा एक जाना-माना नाम है। उन्होंने हिन्दी, अंग्रेजी के अखबारों, पत्रिकाओं में हजारों लेख और सैकडों पुस्तक-पुस्तिकाएं लिखी हैं। यह सब करते हुए, एक लेखक के रूप में उन्हें किन अनुभवों से…

260 से अधिक कार्यकर्ताओं और अधिकार संगठनों ने जम्मू-कश्मीर में 6 ‘पर्यावरण रक्षकों’ की त्वरित रिहाई की मांग

जम्मू-कश्मीर और समूचे हिमालयी क्षेत्र में लोकतांत्रिक अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण की रक्षा हो 16 नवंबर, 2024 । 260 से अधिक सामाजिक और पर्यावरणीय कार्यकर्ताओं ने जम्मू-कश्मीर में छह कार्यकर्ताओं की जन सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत गिरफ्तारी का विरोध…