Day: August 31, 2024

आखिर क्या हैं, बापू की सहज, सरल सीख-सलाहें

तरह-तरह के प्राकृतिक और इंसानी धतकरमों की ‘कृपा’ से दिनों-दिन बदहाल होती दुनिया को बचाने और सही-सलामत रखने की कोशिशें अंतत: महात्मा गांधी के विचारों पर आकर टिकती हैं। आखिर क्या हैं, बापू की सहज, सरल सीख-सलाहें? बता रहे हैं,…

अमीरी के मापदंड : अमरीका और यूरोप में कौन बेहतर?

दुनिया भर में सम्पन्नता मापने का प्रचलित पैमाना ‘सकल घरेलू उत्पाद’ (जीडीपी) ‘आर्थिक वृद्धि दर’ से ही उपजा है, लेकिन क्या यह किसी देश की वास्तविक सम्पन्नता को उजागर कर सकता है? इसी पैमाने पर अमरीका को यूरोप से अधिक…

विचार : जड़-मूल से क्रांति चाहिए

126 वां जयंती वर्ष : दादा धर्माधिकारी मनुष्य एक-दूसरे के समीप होते हुए भी एक-दूसरे के साथ जीते नहीं हैं। इसमें चन्द बाधाएं हैं। एक है – मालिकी और मिल्कियत। दूसरा है – संप्रदाय या धर्म। तीसरा – जाति। चौथा…