Month: May 2023

कला और संस्‍कृति शिक्षा समाचार

प्रतिष्ठित विष्णु प्रभाकर राष्ट्रीय सम्मान की घोषणा, डॉ. अनुभा पुंढीर, कमलेश कमल सहित 5 लोगों को मिलेगा सम्मान

कमलेश कमल (साहित्य), जनक दबे (पत्रकारिता), सीताराम (शिक्षा) और अर्पणा (कला) के लिए होंगें सम्मानित नई दिल्ली, 31 मई। प्लास्टिक के विरोध में गांव -गांव और शहर -शहर में सघन अभियान चलाने वाली डॉ. अनुभा पुंढीर को समाज सेवा और…

कचरा प्रबंधन का राजनीतिक अर्थशास्त्र और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण

एनजीटी स्वच्छ भारत मिशन का सपना साकार कर ही चैन की सांस लेगी। इसके लिए बेहतर कचरा प्रबंधन की सराहना की जा रही है। सिक्किम, सूरत और इंदौर ही नहीं बल्कि तेलंगाना का सूर्यापेट और तमिलनाडु का नामक्कल भी इस…

1 से 7 जून 2023 तक नदी बचाओ- पर्यावरण बचाओ संघर्ष सप्ताह का आह्वान

नदियों पर अनुसंधान के लिए एक संस्थान बनाने की मांग भोपाल, 30 मई । जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय (एन.ए.पी.एम) ने मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में 1-2 अप्रैल, 2023 को सम्‍पन्‍न हुए राष्ट्रीय जल-जंगल-जमीन और ‘विकास’ सम्मेलन में पारित…

‘गूंगी गुडिय़ाओं’ की बदौलत बदल रही है, गांवों की तस्वीर

तीन दशक पहले 73वें संविधान संशोधन की मार्फत पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को आरक्षण मिला था। आज उस आरक्षण के बूते सक्षम हुईं महिलाओं की क्या स्थिति है? ग्रामीण महिलाएं घर सजाने, खाना बनाने, बच्चे पालने और कपड़े सिलने के अलावा…

किताब समीक्षा : डूबते-प्यासे शहरों की व्यथा

लेखक और पर्यावरणविद् पंकज चतुर्वेदी पाठकों के लिए सुपरिचित नाम है। हाल में शहरों के जल संकट पर उनकी एक किताब आई है। रोहित कौशिक द्वारा ‘सप्रेस’ के लिए की गई इसी किताब की समीक्षा। ज्यों-ज्यों जल संकट बढ़ रहा…

प्रजातंत्र की शासन-प्रणाली

दुनियाभर के राजनीतिक विश्लेषक प्रजातांत्रिक शासन प्रणाली की अहमियत और श्रेष्ठता पर कमोबेश एकमत हैं। सभी मानते हैं कि अपनी तमाम कमी-बेसियों के बावजूद प्रजातांत्रिक व्यवस्था किसी भी समाज को बेहतर बनाने के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है। प्रजातांत्रिक शासन प्रणाली…

ऊर्जा : परमाणु ऊर्जा में विदेशी पैसा

डेढ दशक पहले अमरीका के साथ होने वाले जिस परमाणु समझौते को लेकर तब की मनमोहन सिंह सरकर गिरने-गिरने को हो गई थी, आज वही परमाणु ऊर्जा खुल्लम-खुल्ला धंधे में उतर आई हैं। दुनियाभर में गरियाई जा रही यह ऊर्जा…

शराब गोरखधंधा : शराब से सम्पन्न सरकारें

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने ‘एक दिन के डिक्टेटर’ बनने पर जिस शराब को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के मंसूबे बांधे थे, वही शराब सरकारों की राजस्व उगााही का बडा स्रोत बन गई है। शराबबंदी का मुद्दा उभरते ही हर…

‘चौमुखी’ पहल से समाज में शांति

वरिष्ठ गांधीवादी कार्यकर्ता एवं ‘एकता परिषद’ के संस्थापक राजगोपाल पीवी को हाल में जापान के प्रतिष्ठित ‘निवानो शांति पुरस्कार’ (2023) से नवाजा गया है। लगभग एक करोड 22 लाख रुपयों की पुरस्कार राशि से श्री राजगोपाल ने ‘शांति कोष’ की…

मेडिएशन बिल क्रियान्वित होने के बाद लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगीं

अभ्यास मंडल की 62 वीं ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला के अंतिम दिन न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार माहेश्वरी का व्‍याख्‍यान इंदौर, 20 मई । सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार माहेश्वरी ने कहा है कि देश की जनता की आस्था और विश्वास न्यायालय…