Month: July 2022

बूस्टर डोज़ का महत्व निजी नहीं, सार्वजनिक है

महामारी के टीके द्वारा हमारा लक्ष्य है कि कम से कम 80 प्रतिशत लोगों का टीकाकरण हो जाए ताकि समाज में एक ‘कवच’ बन जाए और महामारी को फैलने का रास्ता ना मिले। यह एक सार्वजनिक ज़रूरत है। इसे मात्र…

बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जरूरी है, विकेन्द्रीकरण

हाल के ‘कोविड-19’ ने एक बार फिर उजागर कर दिया है कि हमारी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं बेहद लचर हैं। क्या है, जिसके चलते हम सस्ती, सर्वसुलभ और सेवाभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर नहीं कर पाते? एक कारण है, सरकारी…

सद्भावना के लिए ‘सर्व धर्म समभाव’

महात्मा गांधी ने आजाद भारत के लिए कई तरह की योजनाओं, कार्यक्रमों और नीतियों की कल्पना की थीं, लेकिन दुर्भाग्य से वे आजादी के साढे पांच महीनों में ही हम से सदा के लिए विदा हो गए। बाद में उनके…

‘संयुक्त राष्ट्र संघ’ : हिंदी का बोलबाला

लंबे कूटनीतिक प्रयासों के बाद हाल में हिंदी, उर्दू और बांग्ला भाषाओं को ‘संयुक्त राष्ट्र संघ’ में मान्यता मिल गई है। दक्षिण एशिया की इन तीनों भाषाओं को बोलने वाली विशाल आबादी दुनियाभर में फैली है और अब समय आ…

सरकार लोकतांत्रिक मूल्‍यों में विश्‍वास रखने वाले जनसंगठनों और आमजन की आवाज़ सुनने को तैयार नहीं

समता, न्याय और संवैधानिक अधिकारों पर मध्यप्रदेश के जनसंगठनों द्वारा भोपाल में जन सुनवाई आयोजित भोपाल, 19 जुलाई 2022। मध्य प्रदेश के करीब 24 जिलों के करीबन 50 युवा /बुजुर्गों ने किसानी, श्रमिक अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा जल, जंगल,…

जलवायु – परिवर्तन का नतीजा है, आकाशीय बिजली गिरना

बरसात के मौसम में आकाशीय बिजली का गिरना यूं तो एक आम बात है, लेकिन उसकी वजह जानना चाहें तो पता चलता है कि यह हमारे मौजूदा कथित विकास का ही एक और नतीजा है। विकास की मार्फत लगातार उत्सर्जित…

राजनीति : धर्मनिरपेक्षता को लेकर कांग्रेस की उहापोह

पिछले करीब तीन दशकों से भाजपा एक दृढ लक्ष्य के साथ राजनीतिक अखाड़े में अपने आप को मजबूत बनाती चली जा रही है| सही है कि बाकी विपक्ष और कांग्रेस भाजपा की नीतियों के खिलाफ स्वयं को व्यक्त करते रहे…

फिर आया मौसम, हरे छाते रोपने का

गर्मी की तीखी धूप और मूसलाधर बरसात से बचने के लिए प्रकृति ने हमें पेडों के रूप में सामूहिक छाते उपलब्ध करवाए हैं। मानसून का यह मौसम इन ‘छातों’ को रोपने का है। ग्रीन ‘इको फ्रेंडली’ ‘एयर कंडीशनर’ से ताजी…

लोकतंत्र को फासीवाद में बदलने से रोकना है : रामचंद्र राही

सर्व सेवा संघ का 89 वां अधिवेशन प्रारम्भ 17 जुलाई   सर्व सेवा संघ का 89 वां अधिवेशन आज  सूरत के दादा भगवान मंदिर परिसर में प्रारम्भ हुआ। शुरुआत में सर्व सेवा संघ के अध्यक्ष चंदन पाल, महामंत्री गौरांग महापात्र, मंत्री…

श्रीलंका को लेकर क्या हमें भी डरना चाहिए ?

श्रीलंका की समस्या का जल्दी समाधान नहीं हो पाएगा।देश छोटा है पर उसका संकट काफ़ी बड़ा है।अभी सिर्फ़ एक ही राजपक्षे भाई (गोटाबाया) देश छोड़कर भागा है, बाक़ी सभी श्रीलंका में ही मौजूद हैं।वे आगे कुछ भी कर सकते हैं।…