Year: 2021

शांति, अशांति,विचार और विचारधारा की बुनियाद

विचार और वस्तु के बीच का सदियों पुराना द्वंद्व क्या साम्प्रदायिक और गैर-साम्प्रदायिक भी हो सकता है? क्या विचार पर विचारधारा की अहमियत एक तरह की साम्प्रदायिकता को जन्म देती है? और क्या अपने चतुर्दिक फैले व्यापक संसार में शांति…

समस्याओं के हल के लिए ‘हिन्द स्वराज’

अपने समाज, देश और दुनिया के मौजूदा संकटों के निवारण के लिए महात्मा गांधी से पूछा जाता तो वे संभवत: इंग्लेंड और दक्षिण-अफ्रीका के बीच की जहाज-यात्रा के दौरान करीब 112 साल पहले लिखी अपनी किताब ‘हिन्द स्वराज’ के पन्ने…

शांति और अहिंसा की तलाश में शांति पदयात्रा आदर्श समाज रचना के लिए एक महत्वपूर्ण कदम

कुरूक्षेत्र से होते हुए शांति पदयात्रा कल पहुंचेगी गांधी समाधि राजघाट आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर विश्व शांति दिवस 21 सितंबर से विश्व अहिंसा दिवस 2 अक्‍टूबर तक चलने वाली पदयात्रा का आंरभ सदाचार स्थल, ब्रह्म सरोवर, कुरुक्षेत्र…

कमला भसीन : “तू बोलेगी, मुंह खोलेगी, तब ही तो जमाना बदलेगा”

कमला भसीन  : स्‍मृति शेष अपने आसपास कुछ व्यक्तित्व ऐसे रहते हैं जो जीवन के कई पाठ सिखाते चलते हैं। वे स्वयं एक किताब होते हैं। ऐसी किताब जिसके हर पृष्ठ पर जीवन की आशाएं, उमंग, कामयाबी और बहनापा हो।…

साबरमती आश्रम : ‘वर्ल्ड-क्लास’ बनाने की सरकारी जुगत

करीब 13 लंबे सालों तक महात्मा गांधी के घर की हैसियत का ‘साबरमती आश्रम’ पिछले दो साल से सरकार के पर्यटन उद्योग की निगाहों में चढ गया है। नतीजे में गांधी की सादगी, शुचिता और किफायत के मूल्यों को ठेंगे…

आजादी के 75 साल बाद भी जल, जंगल, जमीन का प्रश्‍न नहीं हो सका हल : राजगोपाल

भारत सहित लंदन, मैक्सिको, सेनेगल, फिलीपींस एवं 25 अन्‍य देशों में चल रही है न्याय और शान्ति पदयात्रा 28 सितम्बर, 2021 दिल्ली। एक तरफ जहां हम भारत की 75वीं आजादी वर्षगाँठ का जश्न मना रहे हैं वहीं दूसरी तरफ आज…

आप कैसे चुप हो सकती हैं, कमला जी?

श्रद्धांजलि : कमला भसीन वे बहुत जिंदादिल थीं इसलिए बहुत मजबूत थीं; वे बहुत मजबूत थीं इसलिए कटु नहीं थीं; वे कटु नहीं थीं इसलिए बहुत मानवीय थीं। पुरुष के आधिपत्य से और उसके अहंकार से वे बहुत बिदकती थीं।…

गांधी की रचनात्मक विरासत संभालने वाले विनोबा

महात्मा गांधी की रचनात्मक विरासत को संभालने वाले विनोबा भावे अपनी किन मान्यताओं और उन पर आधारित कैसे व्यवहार की वजह से जाने-पहचाने जाते हैं? और एक आम व्यक्ति की हैसियत से इसे कैसे समझा जा सकता है? प्रस्तुत है,…

कमला भसीन का जाना भारत में स्त्री आन्दोलन की पैरोकार का जाना

भारतीय विकास नारीवादी कार्यकर्ता, कवयित्री, लेखिका और सामाजिक विज्ञानी कमला भसीन का आज सुबह निधन हो गया। वे 75 वर्ष की थीं। वे कैंसर से पीड़ित थीं । कमला भसीन ने महिलाओं के हक़ की लड़ाई के लिए लगभग 1970…

पूंजीवाद, जलवायु परिवर्तन और हिंसा जैसे मसले दुनिया को तबाह करने में लगे हैं : गांधीवादी चिंतक डॉ. अभय बंग

सेवाग्राम में पांच दिवसीय राष्ट्रीय युवा शिविर सम्पन्न सेवाग्राम, 24 सितम्बर 2021 ।  सर्व सेवा संघ के युवा सेल द्वारा  सेवाग्राम आश्रम प्रतिष्ठान परिसर  में 20 से 24 सितंबर तक आयोजित राष्ट्रीय युवा शिविर आज यहाँ सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया।…