Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

Year: 2021

मध्यप्रदेश : बिजली की बाजीगरी

मध्यप्रदेश में बिजली की आपूर्ति का कारनामा अब ठीक वह कर रहा है जिसे मुहावरे में ‘माल-ए-मुफ्त, दिल-ए-बेरहम’ कहा जाता है। एक तरफ, सरकारी जल-विद्युत परियोजनाओं की सस्ती बिजली को ठेंगे पर मारते हुए जिन निजी कंपनियों से बिजली खरीदी…

11 जनवरी को “राष्ट्रीय पैदल यात्री दिवस” घोषित करने के लिए अभियान की शुरूआत

पुणे पैदल यात्री दिवस घोषित करने वाला देश का पहला शहर बना सस्टेनेबल अर्बन मोबिलिटी नेटवर्क (समनेट इंडिया)  गैर सरकारी संगठनों के राष्ट्रीय गठबंधन ने भारत सरकार से 11 जनवरी को राष्ट्रीय पैदल यात्री दिवस के रूप में घोषित करने…

गांधीजी के मूल्यों को आमजन तक पहुंचाने के लिए सेवाग्राम से साबरमती आश्रम यात्रा 17 से 24 अक्टूबर 2021 तक

गांधी जी की विरासत को बचाने का एक प्रयास देश के जानी मानी कई गांधी संस्‍थाओं ने संयुक्‍त रूप से  तय किया है कि 17 से 24 अक्टूबर 2021 तक गांधीजी के सिद्धांतों और मूल्यों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक…

लखीमपुर खीरी की घटना हैवानियत की मिसाल है- सर्व सेवा संघ का प्रस्ताव

सेवाग्राम । सर्वोदय समाज की शीर्षस्‍थ संस्‍था सर्व सेवा संघ ने गांधी की 152 वीं जयंती के दूसरे ही दिन 3 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी की घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह घटना हैवानियत की मिसाल…

मौजूदा राजनीति से असहमत गांधी

स्वराज के लिए गांधीजी राजनीतिक आजादी के साथ-साथ सामाजिक, नैतिक और आर्थिक आजादी आवश्यक मानते थे। लोकशाही की स्थापना के लिए सैनिक सत्ता पर नागरिक सत्ता की प्रधानता की लड़ाई वे अनिवार्य मानते थे। दरअसल आज सत्ता का आधार दंड…

अफगानिस्तान : तेल की तलब से पनपता आतंकवाद

तेल की अपनी हवस की खातिर इराक में ‘नरसंहार के हथियारों’ की फर्जी अफवाह फैलाकर जिस तरह अमरीका की अगुआई में एक समूचे राष्ट्र को नेस्त-नाबूद किया गया, हाल में अफगानिस्तान से अमरीकी सेना की वापसी की कहानी भी उससे…

कमाल की कमला भसीन

दुनिया-जहान में महिला अधिकारों की मुखर पैरोकार की हैसियत से जानी-पहचानी गईं कमला भसीन पिछले सप्ताह(25’ सितंबर ‘21) हमसे सदा के लिए विदा हो गईं हैं। उनके लंबे, संघर्षपूर्ण जीवन और काम-काज के बारे में लिखना यूं तो कठिन है,…

अहिंसक निर्भयता का कैसा स्वर्णिम संदेश दुनिया को मिला

एस.एन सुब्बराव महात्मा गांधी को ऐसे जियें अमेरिका के चुने अच्छे लोग भारत में राजदूत बनकर आए। उनमें से एक बुद्धिजीवी थे – चेस्टर बौल्स। जिन्होंने भारत को लेकर एक सुंदर किताब लिखी,  उनकी बेटी ने भी एक किताब लिखी।…

प्रतिमा और पूजा-पाठ तक सीमित गांधी

हमारे समाज की चालाकी है कि वह अपना मार्ग-दर्शन और समीक्षा करने वालों का,भगवानजी से लगाकर महापुरुष तक के दर्जे का महिमामंडन करके, किनारे कर देता है। अपने जीवन को अपना संदेश बताने वाले महात्मा गांधी भी इस कारनामे की…

महात्मा गांधी बूढ़े होते दिख रहे हैं या जवान?

महात्मा गांधी अपनी मृत्यु के बाद और भी युवा होते जा रहे हैं। युवा अवस्था महज शरीर में तेजी से दौड़ने वाले हार्मोन को नहीं कहते। वह विचारों का ऐसा केमिकल लोचा है जो खत्म होने का नाम ही नहीं…