Year: 2021

महिला एवं बाल स्वास्थ्य के मद्देनजर स्वास्थ्य क्षेत्र के लिये बजट प्रावधान बढ़ाया जाए

जन स्वास्थ्य अभियान की सरकार से माँग इंदौर, 03 मार्च । मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 2 मार्च 2021 को कोविड – 19 महामारी के दौर में प्रस्तुत बजट मध्‍यप्रदेश में स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बजट हो सकता था, परंतु उम्मीद…

औषधि के रूप में उपयोगी : महुआ का तेल

आदिवासियों में महुआ एक बहु-उपयोगी पेड होता है, इसलिए कई जनजातियां उसे अपने देवी-देवताओं, पुरखों से भी जोडकर देखती हैं। महुए का एक उपयोगी उत्‍पाद है, तेल। इसके औषधीय गुणों की चर्चा आयुर्वेद में की गई है। महुआ के फूल,…

‘विकास’ की बलि चढ़ता हिमालय

उत्तराखंड की ताजा त्रासदी ने एक बार फिर उस सनातन सवाल को उछाल दिया है कि आखिर विकास के नाम पर होने वाली गतिविधियां हमारे विनाश की वजह क्यों बनती जा रहीं हैं? क्या उत्तराखंड में बनी और बन रहीं…

किसान आंदोलन के समर्थन में हिमाचल के सामाजिक संगठनों और किसान समूहों ने जारी किया बयान

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन कृषि क़ानूनों के विरोध में देश के किसान तीन महीनों से आन्दोलनरत हैं। किसानों की मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को रद्द कर कृषि उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी का…

कैसे मापें, गरीब और गरीबी की गहराई

हाल के वर्षों में गरीबी को परिभाषित करने का सवाल फिर से सिर उठा रहा है। गरीब कौन हैं, क्यों हैं और उनकी इस दशा के लिए कौन जिम्मेदार है? अनेक अर्थशास्त्रियों ने इसे लेकर अपनी-अपनी अवधारणाएं प्रस्तुत की हैं,…

नामकरण ही नहीं, उसके पीछे के इरादे भी जानना ज़रूरी है!

नए स्टेडियम के नाम के साथ और भी कई चीजों के बदले जाने की शुरुआत की जा रही है। यानी काफ़ी कुछ बदला जाना अभी बाक़ी है और नागरिकों को उसकी तैयारी रखनी चाहिए। केवल सड़कों, इमारतों, शहरों और स्टेडियम…

अब धर्म-धुरीण बचाएंगे, धरती को

सवाल है कि ‘चमोली त्रासदी’ जैसी आपदाओं को, अपनी विकास की हठ में बार-बार खडी करने वाले राजनेताओं से धर्मगुरु किस मायने में भिन्न और बेहतर साबित होंगे? क्या वे अपने पास-पडौस के समाज, वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों की कोई बात…

हुकूमत को अब गिलहरियों की हलचल से भी ख़तरा!

प्रजातांत्रिक व्यवस्था में अगर नागरिकों के शांतिपूर्ण तरीक़े से विरोध व्यक्त करने के अधिकार छीन लिए जाएँगे तो फिर साम्यवादी/तानाशाही देशों और हमारे बीच फ़र्क़ की सारी सीमाएँ समाप्त हो जाएँगी। एक प्रजातंत्र में नागरिक आंदोलनों से निपटने की सरकारी…

चमोली त्रासदी की इंसानी वजहें

सीखने-सिखाने के मामले में हमारा ‘ट्रैक-रिकॉर्ड’ कोई उत्साहवर्धक नहीं रहा है। मसलन – उत्तराखंड में हाल में आई भीषण आपदा से क्या हम कुछ सीखेंगे? क्या पहले भी कभी कुछ सीखा गया है, ताकि भविष्य में ऐसी आपदाएं नहीं हों…

बजट में पर्यावरण

आधुनिक ‘विकास’ और पर्यावरण एक-दूसरे के जानी दुश्मन माने जाते हैं और इस अखाडे में सरकारें विकास की तरफदार। ऐसे में पर्यावण सुधार के लिए बजट प्रावधान सुखद माने जा सकते हैं। कोराना काल के बाद केंद्र सरकार ने एक…