Year: 2021

साढ़े तीन दशक बाद भी नहीं हो पाया है भोपाल गैस त्रासदी के प्रभावों का मूल्यांकन

भोपाल गैस त्रासदी की 37वीं वर्षगांठ पर वक्तव्य भोपाल गैस त्रासदी के 37 साल बाद भी गैस पीड़ितों का एक और वर्ष अनसुलझे मुख्य मुद्दों के बीच बीत गया। जहरीली गैस रिसाव त्रासदी के परिणामस्वरूप कम से कम 25,000 पीड़ितों…

जहरीली खेती से जुड़ा है, ‘भोपाल गैस कांड’

2-3 दिसंबर 1984 : भोपाल गैस त्रासदी के 37 साल लंबे, दुखद और तकलीफ देह 37 साल गुजारने के बाद क्या हम यह कहने लायक हो पाए हैं कि अब कोई दूसरा ‘भोपाल गैस कांड’ नहीं होगा? जहरीले रासायनिक खादों,…

बराबरी के विरोध में मर्दानगी

हजारों साल की भारतीय संस्कृति का सतत गुणगान करने वाले हमारे समाज में औरतें आज भी दोयम दर्जे पर विराजमान हैं। मर्दों की मर्दानगी को कुछ ऐसी हैसियत प्राप्त है कि वह जब चाहे, जैसे चाहे औरतों के साथ कर…

‘एमएसपी’: कानून की कठिनाइयां

प्रधानमंत्री द्वारा कृषि संबंधी कानूनों के वापस लेने के बावजूद किसान अब भी दिल्ली घेरकर बैठे हैं तो उसकी वजह उनके अनेक बुनियादी मुद्दों के अब भी जहां-के-तहां लटके रहना है। इनमें से एक, सभी 23 फसलों पर कानूनी रूप…

आदिवासी एवं वंचित समुदाय के लिए कार्यरत राजकुमार सिन्हा को ‘ भगीरथ प्रयास सम्मान’

नर्मदा संरक्षण एवं पर्यावरण और उसके किनारे बसे आदिवासी एवं वंचित समुदाय की आजीविका बचाने के लिए 30 वर्षो से संघर्षरत  बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के राज कुमार सिन्हा को इंडिया रिवर फोरम, दिल्ली द्वारा ‘भगीरथ प्रयास सम्मान’…

वरिष्‍ठ सर्वोदय विचारक, गांधीवादी किशोर गुप्‍ता पंचतत्व में विलीन

27 नवंबर। वरिष्‍ठ सर्वोदय विचारक, मौन साधक, योग गुरु और विसर्जन आश्रम के पर्याय किशोर गुप्‍ता पंचतत्व में विलीन हो गए। श्री गुप्‍ता का शनिवार को सुबह हृदयगति रूकने से निधन हो गया था। वे 75 वर्ष के थे। उनके…

जाने माने गांधी विचारक एवं विसर्जन आश्रम, इंदौर से जुडे किशोर गुप्ता का निधन

27 नवंबर । जाने माने गांधी विचारक एवं विसर्जन आश्रम, इंदौर के ट्रस्‍टी, योगाचार्य श्री किशोर गुप्ता का आज सुबह हृदयगति रूकने से निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे। आज सुबह उन्‍हें बैचेनी महसूस होने पर नजदीक के…

सत्ता से साधे नहीं जा सकते, गांधी

जैसे-जैसे सत्ता समाज में बसे गांधी को नकारती है, वैसे-वैसे गांधी और-और सामने आते जाते हैं। पिछले सात-आठ सालों में गांधी की ठोस पुनर्वापसी इसी बात का प्रमाण है। इसके उलट, यदि सत्ता गांधी को खारिज करना चाहती है तो…

कृषि कानूनों की वापसी और किसानों की अधूरी जीत के निहितार्थ

लंबे समय से जिस कानून को लेकर सड़क से लेकर संसद तक घमासान मचा हुआ था, आखिरकार उन तीन कृषि कानूनों के अंत का ऐलान हो ही गया। दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसान आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री ने तीनों…

पर्यावरण संरक्षण से पनपता रोजगार

पर्यावरण संरक्षण की योजनाएं अक्सर समाज के हाशिए पर बसे लोगों को बेदखल करके बनती, बनाई जाती हैं, जबकि थोडी समझदारी रखी जाए तो उसी समाज की सहभागिता से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ रोजगार भी पैदा किए जा सकते हैं।…