Year: 2020

जाने माने चित्रकार, लेखक दिलीप चिंचालकर का देहांत

जाने माने चित्रकार, लेखक दिलीप चिंचालकर का 13 नवंबर की शाम 7.56 बजे इंदौर में देहांत हो गया है। वे पिछले कुछ वर्षों से कठिन बीमारी से जूझ रहे थे। वे पिछले कुछ दिनों से अस्‍पताल में भर्ती थे। होनहार…

तरुणाई ने सम्पूर्ण क्रांति से प्रौढ़ता पायी है

अहिंसा का रास्ता ही लोकनायक जे.पी. ने पकड़ा था। उनके बनाये सम्पूर्ण क्रांतिदूतों ने भी अहिंसा को ही अपनाया है। इनके जीवन में अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्यचर्य, असंग्रह, शरीर-श्रम, अस्वाद, सर्वत्र भयवर्जन, सर्वधर्म समानत्व, स्वदेशी स्पर्श भावना को विनम्रतापूर्ण से…

नतीजों के निहितार्थ

पिछली सदी में जहां अनेक देशों ने लोकतंत्र को एक बेहतर शासन-प्रणाली की तरह अंगीकार किया गया था, अब उसी लोकतंत्र की चपेट में पड़े कराह रहे हैं। जगह-जगह लोकतंत्र के नाम पर तानाशाहों, एक-आयामी विचारधाराओं और फर्जी सत्‍ताओं ने…

नर्मदा रेत खनन : जनता के साथ जलवायु का कबाड़ा

इमारतों के निर्माण में रेत यानि सिलिका बहुत अहम भूमिका निभाती है, लेकिन क्‍या ‘जीडीपी’ में सर्वाधिक योगदान करने वाली इस गतिविधि को आम लोगों और उनके साथ पर्यावरण को उजाडने की छूट दी जा सकती है? इन दिनों मध्‍यप्रदेश,…

जल, जंगल, जमीन पर अधिकार बचाये रखने के लिये चिल्लूर बांध का विरोध होगा

ताप्ति नदी पर प्रस्तावित चिल्लूर बांध के विरोध में गांवों में बैठकों का दौर शुरू मध्‍यप्रदेश के बैतूल जिले में ताप्ति नदी पर प्रस्तावित चिल्लूर बांध के खिलाफ पंचायतें लामबंद होना शुरू हुई है। अभी हाल ही में पिछले दिनों…

बाजार को बरकाने लायक विकल्‍प

कोविड-19 महामारी से उपजी आर्थिक महामंदी ने बाजारों में खलबली मचा दी है। इससे निपटने के लिए तरह-तरह की सरकारी राहतों के अलावा नोट छापकर बांटने तक के सुझाव दिए जा रहे हैं। क्‍या महात्‍मा गांधी, जिन्‍होंने 1930 की पिछली…

विविधता : राष्ट्र निर्माण में कितनी सहायक?

साम्‍प्रदायिक और नस्‍लीय अलगाव के इस दौर में ब्रिटेन का यह उदाहरण काबिल-ए-तारीफ है जिसमें पचास पेंस का ‘डायवर्सिटी क्‍वाइन’ जारी करके वहां की सरकार ने बता दिया है कि वह देश किसी एक जाति, धर्म, भाषा, खान-पान और रहन-सहन…

हमें अर्नब से और अधिक डरने के लिए तैयार रहना चाहिए ?

तमाम लोग जो अर्नब को एक आपराधिक पर ग़ैर-पत्रकारिक प्रकरण में हिरासत में भेजे जाने पर संतोष ज़ाहिर कर रहे हैं उन्हें शायद दूर का दृश्य अभी दिखाई नहीं पड़ रहा है। उन्हें उस दृश्य को लेकर भय और चिंता…

‘न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य’ की असली कीमत

मौजूदा देश-व्‍यापी किसान आंदोलन में ‘न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य‘ उर्फ ‘एमएसपी’ को कानूनी बनाने की खास मांग की जा रही है। कृषि वैज्ञानिक एमएस स्‍वामीनाथन की अध्‍यक्षता वाले किसान आयोग ने भी लागत के डेढ-गुने ‘एमएसपी’ की अनुशंसा की है, लेकिन…

फैजल खान को अपराधी मानकर सद्भावना और समन्वय की भारतीय परंपरा को कलंकित किया है

फैजल खान को किस अपराध की सजा मिली है ? नईदिल्ली, 9 नवंबर । देश के लब्‍ध प्रतिष्ठित गांधी संस्‍थाओं, पत्रकारों, सामाजिक संगठनों एवं गणमान्‍य व्‍यक्तियों ने आज फैजल खान की गिरफ्तारी  के संदर्भ में एक संयुक्‍त बयान जारी कर सरकार से प्रार्थना की है कि फैजल खान प्रकरण पर सरकार,…