Year: 2020

बरखेड़ा बांध के प्रभावितों का जमीन कब्जे की करवाई न करने के जिला कलेक्टर के आश्वासन के बाद धरना समाप्त

सम्पूर्ण मुआवजा व पुनर्वास अधिकार मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा 19 नवंबर । धार जिले के गंधवानी के पास बन रहे बरखेड़ा बांध के प्रभावितों का बांध स्थल के पास उरी नदी के किनारे आज दूसरे दिन भी धरना जारी…

ओबामा की किताब से भी मुद्दा आख़िर तलाश ही लिया गया !

बराक ओबामा ने वास्तव में अपनी किताब में ऐसा आशय लिए कुछ नहीं कहा है कि गांधी परिवार या कांग्रेस संगठन को शर्मिंदा होना चाहिए। भारत के लोग अपने दूसरे नेताओं के बारे में भी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति के ‘मन…

शिक्षकों का ज़ज्‍बा : हमें स्वयं के उत्तर तलाशने होंगे

वे अपनी कक्षाएं पेड़ों के नीचे, पहाड़ की ढलानों पर, धूल भरे आँगन में, मंदिरों में और मस्जिदों में संचालित की हैं। कुछ राज्यों ने आसपास के समुदायों में व्यवस्थित रूप से कक्षाओं को आयोजित करने के लिए प्रगतिशील कदम…

जबरन जमीन के कब्जे की तैयारी के खिलाफ बरखेड़ा बांध प्रभावितों का धरना

बिना पुनर्वास के जमीन का कब्जा नहीं लेने देंगे : उच्च न्यायालय में दायर की जायेगी विशेष अर्जी 18 नवंबर। आज बरखेड़ा बांध प्रभावित सैकड़ों आदिवासी महिला पुरुषों ने बरखेड़ा बांध स्थल के पास उरी नदी के किनारे दिन भर…

गो रूर्बन यात्रा में अहिंसक स्थानीय अर्थव्यवस्था समझने निकले है देश के चुनिंदा युवा

18 से 25 नवंबर तक घूमेगी गो रूर्बन यात्रा इटारसी से कटनी तक   भोपाल, 18 नवंबर। कोरोना वायरस ने देश की गति को भी थोड़े समय के लिए धीमा कर दिया,  इसका बड़ा प्रभाव अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। मुट्ठी…

ऑनलाइन शिक्षा निष्प्रभावी एवं स्कूलों को खोलने के लिए अभिभावकों का ज़बरदस्त समर्थन

अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के शोध अध्‍ययन ‘ऑनलाइन शिक्षा के भ्रम’  से उभरे निष्‍कर्ष बेंगलूरु, 17 नवम्बर 2020 । ‘ऑनलाइन शिक्षा के भ्रम’  पर किये गए शोध अध्‍ययन में पाया गया है कि  ऑनलाइन शिक्षा निष्प्रभावी है । शिक्षकों ने ऑनलाइन…

आम आदमी की अवमानना के ख़िलाफ़ सुनवाई देश की किस अदालत में होगी ?

नागरिकों की नाराज़गी शायद इस बात को लेकर ज़्यादा है कि उनके ‘तात्कालिक भय’ अब उन्हें एक ‘स्थायी भयावहता’ में तब्दील होते नज़र आ रहे हैं। बीतने वाले प्रत्येक क्षण के साथ नागरिकों को और ज़्यादा अकेला और निरीह महसूस…

महात्‍मा को मैदान में उतारने वाले – विनोबा

ध्‍यान से देखें तो आजादी के बाद से ही गांधी और उनके बाद विनोबा ने लगातार हमारे विकास की बातें की हैं। ये बातें सम-सामयिक सत्‍ता-प्रतिष्‍ठानों को कभी नहीं सुहाई और नतीजे में अब हम विकास को विनाश की संज्ञा…

विनोबा का जीवन-दर्शन : यज्ञ-दान-तप की साधना

विनोबा भावे गांधीजी की परंपरा में आते हैं। विनोबाजी का जीवन अपने आप में त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति था। उनके ’भूदान आंदोलन’ ने देश के हजारों लोगों को भूमि दिलाकर जीने का साधन उपलब्ध कराया। एक व्यक्ति से संपत्ति…

अब उनकी स्मृतियाँ और कला ही हमारे बीच है

चित्रकार, लेखक दिलीप चिंचालकर का पार्थिव शरीर पंचतत्‍व में लीन 14 नवंबर। एक मौन चित्रकार, पत्रकार, जिंदगी के कैनवास को खूबसूरत रंगों से सजाने संवारने वाले, प्रकृति सेवक और अपनी मौज में जीने वाले दिलीप चिंचालकर का पार्थिव शरीर आज…