Year: 2020

कोरोना पर भी भारी पड़ गई कंगना !

देश का पूरा ध्यान एक अभूतपूर्व संकट से सफलतापूर्वक भटका दिया गया है। चालीस सालों में पहली बार इतना बड़ा आर्थिक संकट, करोड़ों लोगों की बेरोज़गारी, महामारी से प्रतिदिन संक्रमित होने वालों के आँकड़ों में दुनिया में नम्बर वन बन…

अवसर को आपदा में बदलने के प्रयास

तरह-तरह की योजनाओं, भारी-भरकम बजट और ढेर-सारे मानव व प्राकृतिक संसाधनों को लगाने के बावजूद पर्यावरण की सफाई का जो काम बरसों से नहीं हो पाया था, उसे ‘कोविड-19’ की वजह से लगाए गए लॉकडाउन ने सफलतापूर्वक कर दिया है।…

खबरों में मनोरंजन

एन कोविड-19 के महामारी-काल में भीषण बेरोजगारी, भुखमरी और बीमारियों को सिरे से भुलाकर भारतीय मीडिया कंगना-रिया की चटखारेदार कहानी में रमा है। मानो देश के सामने अब कुल मिलाकर कंगना का टूटा दफ्तर और रिया की कथित नशे की…

स्वामी अग्निवेश : बेबाक, प्रखर, निर्भीक व्यक्तित्व को अंतिम सलाम

स्‍मृति शेष : श्रध्‍दांजलि न्याय, समता, बराबरी और जन समर्थक के पक्षधर रहे स्वामी अग्निवेश के अवसान से एक निरपेक्ष व्यक्तित्व का मौन हो जाना है। वे प्रखरता र्और मुखरता से कई मुददों पर अपने विचार रखते थे। वे बंधुआ…

एक बेजोड़,बेमिसाल और उन्मुख आवाज का अवसान : स्‍वामी अग्निवेश नहीं रहे

नई दिल्ली। बंधुआ मुक्ति मोर्चा के संस्थापक, आर्य समाज नेता, समााजिक कार्यकर्त्‍ता प्रखर वक्‍ता  स्वामी अग्निवेश का शुक्रवार 11 सितंबर को यहां निधन हो गया। स्वामी अग्निवेश लीवर खराब होने के कारण उन्हें दिल्ली के आईएलबीएस अस्पताल दिल्ली में भर्ती कराया…

स्वामी अग्निवेश की हालत गंभीर

नई दिल्ली, 11 सितंबर। प्रसिद्ध आर्य संन्यासी एवं समाजसेवी स्वामी अग्निवेश की हालत इस समय बहुत गंभीर हो गई है। वे पिछले कई दिनों से वसंतकुंज के इंस्टिट्यूट ऑफ़ लीवर एंड बिलिअरी साइंसेस (ILBS) अस्पताल में भर्ती है। वह लिवर…

अहिंसक समाज रचना के लिये जरूरी है, मालिकी विसर्जन

विनोबा के विचार, उन्‍हीं के शब्दों में 11 सितंबर विनोबा भावे की 125 वां जयन्ती वर्ष एक व्‍यक्ति, समाज, देश और दुनिया की हैसियत से हम आज जहां पहुंचे हैं, वह कोई ‘टिकने,’ यहां तक कि ‘गुजरने’ के लिहाज से भी…

हर दिन नयी ज़मीन, हर दिन नया आसमान

11 सितंबर विनोबा भावे की 125 वां जयन्ती वर्ष महात्‍मा गांधी के आध्यात्मिक अनुयायी माने जाने वाले विनोबा अपने विचारों और उन विचारों के क्रियान्‍वयन में अनूठे थे। विडम्बना यह है कि सन्त, महात्‍मा और ईश्‍वर के दर्जे पर रखने…

नकारा नियोजन की चपेट में फंसा शहर

हमारे किसी भी आकार-प्रकार के शहरों में चंद मिनटों की बरसात बाढ ला देती है और यह कारनामा पानी के प्राकृतिक स्रोतों, ठिकानों और सहज रास्‍तों पर अट्टालिकाएं खडी करने से होता है। कमाल यह है कि इसे अमली जामा…

अहिंसक क्रांति के लिए आध्यात्मिक दृष्टि होना अनिवार्य

विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में विदुषी सुश्री कालिंदी बहन  9 सितम्बर। भारत की स्वतंत्रता में एकादश व्रतों का महत्वपूर्ण योगदान है। महात्मा गांधी ने आजादी आंदोलन में इन व्रतों का समावेश कर मनुष्य…