Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

Year: 2020

अध्यादेशों पर क्यों नहीं हैं किसान आंदोलन

संसद के मौजूदा सत्र में किसानों और किसानी को प्रभावित करने वाले उन तीन विवादास्‍पद अध्‍यादेशों के कानून बनने की संभावना है जिन्‍हें केन्‍द्र सरकार ने अभी जून में लागू करके देशभर के किसान संगठनों के बीच बवाल खडा कर…

सत्‍ता की नजरों में समाज का दर्जा

बुनियादी मुद्दों पर सत्‍ता की यह अनदेखी समाज से उसकी बढ़ती हुई दूरी को ही उजागर करती है। आजादी के बाद से लगाकर आज तक का हमारा राजनैतिक इतिहास सत्‍ता और समाज के बीच की इस बढ़ती दूरी का ही…

93 साल के आजन्म युवा आंदोलनकारी थे जगन्नाथ काका !

स्‍मृति शेष : श्रध्‍दांजलि जगन्नाथ काका नहीं रहे| नर्मदा घाटी का एक और सितारा बुझ गया | सालों से वृध्दत्व को नकारते, कई बार गिरते, फ्रेकचर लेकर भी दौड़ते काका शांत हो गये| उनकी जीवनज्योत हमारे लिए जलती रहेगी जरुर…

जगन्नाथ काका का निधन : नर्मदा बचाओ आंदोलन की अपूरणीय क्षति

नर्मदा बचाओ आंदोलन के संस्थापक सदस्यों में से बड़वानी में कुंडिया गाँव के जगन्नाथ काका का अल्प‍ बीमारी के बाद 17 सितंबर 2020 को सुबह निधन हो गया है। वे करीब 90 वर्ष के थे। उनके पार्थिव शरीर का अंतिम…

लोग जानना चाहते हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए !

हमने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया कि हमारे आसपास की चीज़ें कितनी तेज़ी से फ़ास्ट-फ़ॉरवर्ड हो रही हैं और पलक झपकते ही पुरानी के स्थान पर नई आकृतियाँ प्रकट हो रही हैं। केवल एक उदाहरण ले लें … क्या हमने नोटिस…

एक गांव ऐसा भी है जहां सिर्फ पक्षियों की पूछ-परख होती है

जलसंकट और रेगिस्तानों के लिए प्रसिद्ध हमारे राजस्थान में एक गांव ऐसा भी है जहां सिर्फ पक्षियों की पूछ-परख होती है। उदयपुर के पास मेनार गांव में विकास की हर योजना पक्षियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई और…

संस्कृत के मोह में रुक गया हिंदी का विकास

हिंदी को संस्कृत निष्ठ बनाने का सिलसिला थमा नहीं है और न ही हिंदी को सांप्रदायिकता की जुबान बनाने की कोशिश ठहरी है। तमाम गैर हिंदी भाषी राजनेता सीखी हुई हिंदी बोलते हैं और बड़े जनसमुदाय को प्रभावित करते हैं।…

अपराध के कलंक से कितने आजाद हैं, घुमन्‍तु समुदाय?

अजीब बात है कि अपने आसपास रहने-बसने वाले घुमन्‍तु लोगों के बारे में आम समाज निरा अनजान है और उन्‍हें ज्‍यादा-से-ज्‍यादा अपराधिक जातियों की तरह पहचानता है। कौन हैं, ये ‘विमुक्‍त’ और ‘घुमन्‍तु’ समुदाय? आम समाज के कितने लोगों को…

हिन्‍दी की हैसियत

हिन्‍दी दिवस (14 सितम्‍बर)  भाषा हमारे जीवन की एक बुनियादी जरूरत है, लेकिन आजकल उसमें भी भेद-भाव बरता जा रहा है। ऐसे में मातृभाषा हिन्‍दी को किस तरह कारगर बनाया जाए? प्रस्‍तुत है, इसी विषय पर प्रकाश डालता विभा वत्‍सल का…

बाढ़-नियंत्रण की बजाए बाढ़ की वजह बनता, सरदार सरोवर बाँध

बड़े बांधों के घोषित उद्देश्‍यों में जल-विद्युत और सिंचाई के बलावा बाढ़-नियंत्रण भी शामिल है, लेकिन देशभर में कहीं बांधों से बाढ़ को नियंत्रित करने का कोई ठोस उदाहरण सामने नहीं आया है। मध्‍यप्रदेश में जहां नर्मदा और उसकी सहायक…