Year: 2020

जेपी आज होते तो कितने लोग उनका साथ देते ?

लोक नायक जयप्रकाश नारायण : 8 अक्‍टूबर पुण्‍य स्‍मरण लोक नायक जयप्रकाश नारायण (जेपी) की आज (8 अक्‍टूबर) पुण्यतिथि है और तीन दिन बाद ग्यारह अक्टूबर को उनकी जयंती । जेपी को सबसे पहले राजगीर(बिहार) में 1967 के सर्वोदय सम्मेलन…

किसानी के प्रतिकूल हैं, हाल में बने कानून

राजगोपाल पीव्‍ही कुछ दिन पहले खेती-किसानी से जुडे दो कानूनों के बनने और एक कानून के संशोधन ने देशभर के किसानों में बवाल खडा कर दिया है। ऐसे में बरसों से कृषि और जमीन के मुद्दे पर सक्रिय ‘एकता परिषद’…

खतरनाक हो सकती है, पीने के काम आती स्‍ट्रा

रोजमर्रा के जीवन में उपयोग की जाने वाली प्लास्टिक से बनी मामूली नली यानि स्‍ट्रा हमारे जीवन को कैसे प्रभावित कर सकती है? क्‍या कम वजन के कारण ‘री-साइकल’ नहीं हो पाने से स्‍ट्रा प्रदूषण में इजाफा भी करती है?…

किसानों के लिए गांधी की तजबीज

केन्‍द्र सरकार द्वारा बनाए गए दो कानूनों और एक संशोधन के विरोध में इन दिनों देशभर में किसानों ने आंदोलन खडे कर रखे हैं। इन आंदोलन की बुनियादी मांगों के साथ गांधी की तजबीज भी जुड जाए तो कैसा हो?…

उपचुनाव के घोषणा पत्रों में बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के मुद्दों को शामिल करें

बच्चों की आवाजें चुनाव घोषणा पत्र में शामिल करने हेतु भेजा राजनीतिक दलों को पत्र भोपाल, 7 अक्‍टूबर। बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध चाइल्ड राइट्स आब्जर्वेटरी मध्यप्रदेश और यूनिसेफ मध्यप्रदेश ने राजनीतिक दलों के अध्यक्षों को पत्र…

हाथरस कांड का सियासी पंचनामा और हमारी विवशता !

हम केवल ऊपरी तौर पर ही अनुमान लगा रहे हैं कि हाथरस ज़िले के एक गाँव में एक दलित युवती के साथ हुए नृशंस अत्याचार और उसके कारण हुई मौत से सरकार डर गई है। वास्तव में ऐसा कुछ भी…

हाथरस घटना : यह जातिवादी जहर हिंदू समाज को खोखला कर देगा

शैलेश शुक्ला हाथरस की घटना के बाद पहले सोचा कि बेटी – बेटी है दलित हो या सवर्ण की। इसलिए  जो इस मुद्दे पर जातिवादी विमर्श को हवा दे रहे थे मैंने उनको इग्नोर करना उचित समझा। अपने जीवन में कभी…

क्या कोई सचमुच सुनता है, गांधी को?

आज की राजनीतिक जमातों, उनकी उठा-पटक और सत्‍ता पर चढने-उतरने की उनकी कवायद के बरक्‍स गांधी को रखकर देखें तो क्‍या नतीजे निकलते हैं? क्‍या गांधी ने इस तरह की राजनीतिक विरासत की कल्‍पना भी की थी? हाल में किसानों…

क्‍या गौरव करने लायक बचा है, लोकतंत्र?

हमारे समय का सर्वग्राही सवाल उस लोकतंत्र से है, जिसका नाम लेकर तरह-तरह के रंगों, झंडों वाली राजनीतिक जमातें सत्‍ता पर चढती-उतरती रहती हैं। क्‍या सचमुच हम जिसे सतत वापरते हैं, वह लोकतंत्र ही है? दुनिया के लोकतांत्रिक देशों में…

कोविड – 19 के सभी मरीजों को सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों एवं सरकार द्वारा अधिग्रहित निजी स्वास्थ्य संस्थानों में नि:शुल्क इलाज मिले

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कोविड – 19 के संदर्भ में स्वास्थ्य अधिकार पर जारी की एडवाइजरी इंदौर, 02 अक्टूबर 2020 । कोविड – 19 ने देश के सभी वर्गों खासकर समाज के वंचित एवं हाशिये पर जीवन जीने वाले लोगों को अत्यधिक प्रभावित…