Month: October 2020

हाथरस कांड का सियासी पंचनामा और हमारी विवशता !

हम केवल ऊपरी तौर पर ही अनुमान लगा रहे हैं कि हाथरस ज़िले के एक गाँव में एक दलित युवती के साथ हुए नृशंस अत्याचार और उसके कारण हुई मौत से सरकार डर गई है। वास्तव में ऐसा कुछ भी…

हाथरस घटना : यह जातिवादी जहर हिंदू समाज को खोखला कर देगा

शैलेश शुक्ला हाथरस की घटना के बाद पहले सोचा कि बेटी – बेटी है दलित हो या सवर्ण की। इसलिए  जो इस मुद्दे पर जातिवादी विमर्श को हवा दे रहे थे मैंने उनको इग्नोर करना उचित समझा। अपने जीवन में कभी…

क्या कोई सचमुच सुनता है, गांधी को?

आज की राजनीतिक जमातों, उनकी उठा-पटक और सत्‍ता पर चढने-उतरने की उनकी कवायद के बरक्‍स गांधी को रखकर देखें तो क्‍या नतीजे निकलते हैं? क्‍या गांधी ने इस तरह की राजनीतिक विरासत की कल्‍पना भी की थी? हाल में किसानों…

क्‍या गौरव करने लायक बचा है, लोकतंत्र?

हमारे समय का सर्वग्राही सवाल उस लोकतंत्र से है, जिसका नाम लेकर तरह-तरह के रंगों, झंडों वाली राजनीतिक जमातें सत्‍ता पर चढती-उतरती रहती हैं। क्‍या सचमुच हम जिसे सतत वापरते हैं, वह लोकतंत्र ही है? दुनिया के लोकतांत्रिक देशों में…

कोविड – 19 के सभी मरीजों को सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों एवं सरकार द्वारा अधिग्रहित निजी स्वास्थ्य संस्थानों में नि:शुल्क इलाज मिले

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कोविड – 19 के संदर्भ में स्वास्थ्य अधिकार पर जारी की एडवाइजरी इंदौर, 02 अक्टूबर 2020 । कोविड – 19 ने देश के सभी वर्गों खासकर समाज के वंचित एवं हाशिये पर जीवन जीने वाले लोगों को अत्यधिक प्रभावित…

खोट गांधी की प्रासंगिकता में नहीं, हमारे साहस में है !

महात्‍मा गांधी : 150वां जयंती वर्ष   गांधी की ज़रूरत के प्रति एक ईमानदार अभिव्यक्ति की पहली शर्त ही यही है कि हम इन हिंसक आत्मघाती दस्तों का अहिंसक और शांतिपूर्ण तरीक़ों से प्रतिकार करने के लिए अपने शरीरों के…

विन्सेंट शीनः जिसने कहा था कि गांधी कभी भी मारे जा सकते हैं

विन्सेंट शीन लिखते हैं कि गांधी ने पूरी दुनिया की आत्म का छू लिया था। गांधी पर 1927 में रेने फुलम मिलर ने एक किताब लिखी। उसका शीर्षक था- लेनिन एंड गांधी। लेकिन तब तक गांधी को गंभीरता से नहीं…

कोरोना-काल में सेक्स वर्कर्स

कोरोना काल में देश के 14 करोड़ से ज्यादा परिवारों की रोजी-रोटी पर असर पड़ा है। इनमें समाज के हाशिये पर रहने वाले समुदायों की आजीविका सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। इन्हीं में सेक्स वर्कर्स समुदाय भी शामिल है। प्रस्‍तुत…

गांधी महज सिद्धांत नहीं, व्यवहार हैं

2 अक्‍टूबर : गांधी जयंती पर विशेष आज के समय में सर्वाधिक उपयुक्‍त,सक्षम और सर्वजन-हिताय विचार महात्‍मा गांधी की कथनी और करनी से लिए जा सकते हैं। गांधी के विचार केवल भारत या भारतीय उपमहाद्वीप भर के लिए नहीं हैं,…