Month: September 2020

एक बेजोड़,बेमिसाल और उन्मुख आवाज का अवसान : स्‍वामी अग्निवेश नहीं रहे

नई दिल्ली। बंधुआ मुक्ति मोर्चा के संस्थापक, आर्य समाज नेता, समााजिक कार्यकर्त्‍ता प्रखर वक्‍ता  स्वामी अग्निवेश का शुक्रवार 11 सितंबर को यहां निधन हो गया। स्वामी अग्निवेश लीवर खराब होने के कारण उन्हें दिल्ली के आईएलबीएस अस्पताल दिल्ली में भर्ती कराया…

स्वामी अग्निवेश की हालत गंभीर

नई दिल्ली, 11 सितंबर। प्रसिद्ध आर्य संन्यासी एवं समाजसेवी स्वामी अग्निवेश की हालत इस समय बहुत गंभीर हो गई है। वे पिछले कई दिनों से वसंतकुंज के इंस्टिट्यूट ऑफ़ लीवर एंड बिलिअरी साइंसेस (ILBS) अस्पताल में भर्ती है। वह लिवर…

अहिंसक समाज रचना के लिये जरूरी है, मालिकी विसर्जन

विनोबा के विचार, उन्‍हीं के शब्दों में 11 सितंबर विनोबा भावे की 125 वां जयन्ती वर्ष एक व्‍यक्ति, समाज, देश और दुनिया की हैसियत से हम आज जहां पहुंचे हैं, वह कोई ‘टिकने,’ यहां तक कि ‘गुजरने’ के लिहाज से भी…

हर दिन नयी ज़मीन, हर दिन नया आसमान

11 सितंबर विनोबा भावे की 125 वां जयन्ती वर्ष महात्‍मा गांधी के आध्यात्मिक अनुयायी माने जाने वाले विनोबा अपने विचारों और उन विचारों के क्रियान्‍वयन में अनूठे थे। विडम्बना यह है कि सन्त, महात्‍मा और ईश्‍वर के दर्जे पर रखने…

नकारा नियोजन की चपेट में फंसा शहर

हमारे किसी भी आकार-प्रकार के शहरों में चंद मिनटों की बरसात बाढ ला देती है और यह कारनामा पानी के प्राकृतिक स्रोतों, ठिकानों और सहज रास्‍तों पर अट्टालिकाएं खडी करने से होता है। कमाल यह है कि इसे अमली जामा…

अहिंसक क्रांति के लिए आध्यात्मिक दृष्टि होना अनिवार्य

विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में विदुषी सुश्री कालिंदी बहन  9 सितम्बर। भारत की स्वतंत्रता में एकादश व्रतों का महत्वपूर्ण योगदान है। महात्मा गांधी ने आजादी आंदोलन में इन व्रतों का समावेश कर मनुष्य…

आत्मज्ञान और विज्ञान के समन्वय से दुनिया में शांति कायम होगी

विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में सुपर कम्प्यूटर के निर्माता डॉ.विजय भटकर 8 सितम्बर। आज भी वैज्ञानिक इस बात को मानते हैं कि विज्ञान और अध्यात्म दो विपरीत धाराएं है, जो कभी नहीं मिल…

अजब कहानी, शहरों के विकास की

अब ऐसा समय आ गया है जिसमें हमें विकास की अपनी समझ की गलती दिखाई देने लगी है, लेकिन फिर भी हम उसे मानना नहीं चाहते। यदि मान लेते तो शायद उसे बदलना नहीं, तो कम-से-कम सुधारना शुरु हो गया…

क्या हमें जानकारी है कि अमेरिका में इस वक्त क्या चल रहा है ?

अमेरिका में तीन नवम्बर को महामारी के बीच एक युद्ध की तरह सम्पन्न होने जा रहे राष्ट्रपति पद के चुनावों और जो कुछ चल रहा है उसके साथ नत्थी हमारे भी भविष्य से है । आज से केवल छप्पन दिनों…

बांध प्रभावितों का संघर्ष : दांव पर सुप्रीमकोर्ट की साख

पिछले तीन दशकों की बरसात में शायद ही कोई साल रहा हो जब ‘सरदार सरोवर’ प्रभावितों ने अपने जीने-मरने के कानूनी हकों के लिए संघर्ष न किया हो। पिछले साल आंदोलन की मुखिया मेधा पाटकर के आमरण अनशन के बाद…