भोपाल गैस त्रासदी

भोपाल गैस त्रासदी : 40 साल की जद्दोजेहद

आज़म खान दुनिया की भीषणतम औद्योगिक त्रासदी से चार दशक पहले निपटने वाले भोपाल में इसे लेकर आज क्या हो रहा है? क्या सरकारों, सेठों और समाज ने अपनी-अपनी जिम्मेदारी सलीके से निभाई है? प्रस्तुत है, इसी की पड़ताल करता…

भोपाल गैस त्रासदी : ज़ख्म अभी भरे नहीं हैं !

‘भोपाल गैस त्रासदी’ के 38 वें साल में, उसके प्रति सरकारों, सेठों और समाज की बेशर्म अनदेखी के अलावा हमें और क्या दिखाई देता है? 1984 की तीन दिसंबर के बाद पैदा हुई पीढी इसे लेकर क्या सोचती है? क्या…

गैस पीड़ितों के विशिष्ट इलाज में विफल भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसन्धान केंद्र (BMHRC)

एक दशक पहले तक जिस भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसन्धान केंद्र की पहचान राष्ट्रीय स्तर के सुपर स्पेशिऐलटि अस्पताल के रूप में थी जहाँ बारह से ज्यादा उच्चत्तर चिकित्सा विभागों में कंसल्टेंट कार्यरत रहते थे और आठ बाह्य चिकित्सा यूनिट्स…

क्या मोरबी में भी भोपाल होगा ?

मोरबी की दुर्घटना के बाद भोपाल गैस त्रासदी का हवाला देते हुए चेताया गया था कि लोगों की याददश्त कमज़ोर होती है, वे सब कुछ भूल जाएंगे! मोरबी में पुल टूटने की घटना और गुजरात में मतदान के बीच भी…

साढ़े तीन दशक बाद भी नहीं हो पाया है भोपाल गैस त्रासदी के प्रभावों का मूल्यांकन

भोपाल गैस त्रासदी की 37वीं वर्षगांठ पर वक्तव्य भोपाल गैस त्रासदी के 37 साल बाद भी गैस पीड़ितों का एक और वर्ष अनसुलझे मुख्य मुद्दों के बीच बीत गया। जहरीली गैस रिसाव त्रासदी के परिणामस्वरूप कम से कम 25,000 पीड़ितों…