पिछले साल राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर सालभर से ज्यादा धरना-रत रहे किसानों ने सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में अब एक फिर आंदोलन का मन बनाया है। इसमें सत्तारूढ़ ‘भाजपा’ से जुडे ‘भारतीय किसान संघ’ ने अगुआई का तय…
कडकती सर्दी में डेढ-दो हफ्तों से दिल्ली में धरना दिए बैठे देशभर के किसानों के ‘जीने-मरने’ की इस लडाई को पंजाब-हरियाणा के किसानों का नेतृत्व मिला है। सवाल है कि क्या पंजाब-हरियाणा के किसानों को उनके इतिहास से कोई प्रेरणा…
सत्ता और सरकारों के कर्ज-माफी सरीखे टोटकों को किसानों की नजर से देखें तो लगातार बढती किसान आत्महत्याएं दिखाई देती हैं। जाहिर है, किसानों और राज्य व केन्द्र की सरकारों के बीच गहरी संवादहीनता है। ऐसी संवादहीनता जिसमें सरकार की…
बुनियादी मुद्दों पर सत्ता की यह अनदेखी समाज से उसकी बढ़ती हुई दूरी को ही उजागर करती है। आजादी के बाद से लगाकर आज तक का हमारा राजनैतिक इतिहास सत्ता और समाज के बीच की इस बढ़ती दूरी का ही…
आचार्य विनोबा मानव के लिए सबसे खतरनाक चीज अगर कोई है तो वह है, उसकी जमीन से उखड़ना। जैसे हर एक पेड़ का मूल जमीन में होता है, वैसे ही हर एक मनुष्य का संबंध जमीन के साथ होना चाहिए।…