चंबल में तरुण भारत संघ ने जल संरक्षण के ज़रिए बदला बागियों का जीवन राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा पर फैले चंबल क्षेत्र को कभी डकैतों की धरती कहा जाता था, लेकिन आज यही धरती जल संरक्षण और शांतिपूर्ण जीवन…
‘सेवा सुरभि’ द्वारा विश्व जल दिवस पर “क्या पानीदार रहेगी हमारी दुनिया” विषय पर परिचर्चा का आयोजन इंदौर, 23 मार्च। पर्यावरण विशेषज्ञ, लेखक और चिंतक पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि जल स्रोतों की कमी के कारण करोड़ों की जन आपूर्ति…
आजादी के बाद जिस अवधारणा को बार-बार याद करने की जरूरत है, वह स्वराज है। गांधी की मार्फत आई हमारे देसी समाज की यह अवधारणा अनेक संकटों की समझ देकर उनसे निजात दिला सकती है। कुछ समाजसेवी हैं जो यदा-कदा…
झाबुआ । महाराष्ट्र विकास केंद्र द्वारा पुणे में आयोजित एक भव्य समारोह में जल संरक्षण और सामुदायिक जागरूकता के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान के लिए नीलेश देसाई को प्रतिष्ठित ‘जलमित्र पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। 29 दिसंबर 2024 को आयोजित…
महात्मा गांधी के जन्मदिन के ठीक एक दिन पहले हजार किलोमीटर की पद और यदा-कदा वाहन यात्रा करके अपनी बात कहने आए कुल-जमा डेढ़ सौ लद्दाखियों को देश की राजधानी की सीमा पर रोकने की आखिर क्या वजह हो सकती…