जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सामाजिक कार्यकर्ता निलेश देसाई ‘जलमित्र पुरस्कार’ से सम्मानित

झाबुआ । महाराष्ट्र विकास केंद्र द्वारा पुणे में आयोजित एक भव्य समारोह में जल संरक्षण और सामुदायिक जागरूकता के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान के लिए नीलेश देसाई को प्रतिष्ठित ‘जलमित्र पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। 29 दिसंबर 2024 को आयोजित इस समारोह में राज्य के वरिष्ठ अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे।

नीलेश देसाई ने पिछले कई वर्षों से जल संकट से जूझ रहे समाज को समाधान देने के लिए अथक प्रयास किए हैं। उनकी संस्था ‘संपर्क’ ने सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से हजारों गांवों में जल संरक्षण के विभिन्न कार्यों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। उनके प्रयासों के केंद्र में सामूहिक जागरूकता और स्थायी समाधान का सिद्धांत रहा है।

जल संरक्षण के लिए सराहनीय कार्य

नीलेश देसाई ने अपने प्रयासों से झाबुआ जैसे बंजर और सूखे से प्रभावित क्षेत्रों में जल प्रबंधन की नई मिसाल कायम की है। उनके नेतृत्व में तालाबों के पुनर्निर्माण, वर्षा जल संग्रहण और आधुनिक सिंचाई तकनीकों का उपयोग बढ़ाने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। इन परियोजनाओं के माध्यम से न केवल पानी की समस्या को हल किया गया, बल्कि क्षेत्र में कृषि उत्पादन और लोगों की आजीविका में भी सुधार हुआ।

इस दौरान उन्होंने 20000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में जल प्रबंधन की योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया। उनके प्रयासों ने समाज के हर वर्ग को प्रेरित किया है। ग्रामीणों, किसानों और महिलाओं को साथ लेकर उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि सामूहिक प्रयासों से जल संकट जैसी गंभीर समस्याओं का समाधान संभव है।

पुणे में आयोजित इस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। सभी ने नीलेश देसाई के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस मौके पर जल संरक्षण और पानी की अहमियत पर विशेष चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि जल संरक्षण केवल एक मुद्दा नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है।

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समारोह में नीलेश देसाई ने अपनी यात्रा और अपने कार्यों का श्रेय सामुदायिक सहयोग और टीम वर्क को दिया। उन्होंने कहा, “जल संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी है। जब समाज मिलकर काम करता है, तो किसी भी बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है।” उन्होंने युवा पीढ़ी को भी जल संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित किया

सरकारी नीतियों में योगदान

संपर्क संस्था के काम की सफलता और नीलेश देसाई की लगन को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 2008 में “कृत्रिम भूजल संरक्षण सलाहकार समिति” का सदस्य नियुक्त किया। इस भूमिका में उन्होंने जल संरक्षण के लिए नीतिगत उपाय सुझाए और सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया। मध्य प्रदेश राज्य सरकार की जल नीति को प्रभावी बनाने में भी उनका योगदान अमूल्य रहा, जिससे जल संरक्षण योजनाओं में स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित हुई।

प्रेरणा और आंदोलन

नीलेश देसाई का योगदान जल संरक्षण के क्षेत्र में एक प्रेरणा है। उनके प्रयासों ने जल संकट से जूझ रहे समाज को न केवल राहत दी, बल्कि एक आंदोलन का रूप भी दिया। उनकी यह उपलब्धि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो समाज और पर्यावरण के लिए सकारात्मक बदलाव लाने के इच्छुक हैं। यह पुरस्कार नीलेश देसाई की प्रतिबद्धता, परिश्रम और समाज के प्रति समर्पण को मान्यता देता है। उनके प्रयासों ने यह साबित किया है कि जल संरक्षण एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उनके जैसे व्यक्तित्व से समाज को यह सीख मिलती है कि बड़े बदलाव सामूहिक प्रयासों से ही संभव हैं।

जलमित्र पुरस्कार मिलने के बाद, नीलेश देसाई ने इसे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ाने का अवसर बताया। उनके कार्यों से प्रेरित होकर आने वाले समय में और अधिक लोग जल संरक्षण की दिशा में योगदान देंगे।

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