social harmony

विविधता में एकता ही सर्वश्रेष्ठ भारत की पहचान

राष्ट्रीय एकता केवल भौगोलिक सीमाओं का मेल नहीं, बल्कि विविधताओं के बीच बंधुत्व, सहिष्णुता और साझा मूल्यों की भावना है, जो भारत को “एकता में अनेकता” का जीवंत उदाहरण बनाती है। सरदार पटेल के एकीकरण से लेकर बाबा आमटे की…

दीपावली : रोशनी का नहीं, रिश्तों और जिम्मेदारी का पर्व

दीपावली केवल रोशनी और उत्सव का नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, पारिवारिक बंधन और मानवीय संवेदनाओं का पर्व है। यह त्योहार न केवल अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है, बल्कि समाज में सद्भाव, समानता और सहयोग की भावना को…

मिलावट सिर्फ खाने में नहीं, विचारों और व्यवहार में भी हो गई है ; ईद मिलन पर इंसानियत, ईमानदारी और सामाजिक सौहार्द पर हुआ विमर्श

आवाज संस्‍था द्वारा शहर के पांच समाजसेवियों को ‘आवाज़ अवार्ड’ से नवाज़ा गया इंदौर, 6 अप्रैल। मिलावट सिर्फ खाने-पीने की चीज़ों में नहीं, बल्कि हमारे विचारों और व्यवहार में भी हो गई है। जब इंसान के अंदर की ईमानदारी कमजोर…