Satyagraha

हे राम, साकार गांधी निराकार गांधी !

30 जनवरी 1948 की संध्या, बिड़ला भवन में प्रार्थना के लिए बढ़ते महात्मा गांधी “हे राम” के अंतिम शब्दों के साथ साकार से निराकार में विलीन हो गए। उनका महाप्रयाण केवल एक देह का अंत नहीं था, बल्कि सत्य, अहिंसा…

KIIT भुवनेश्वर : सीखने लायक नेपाल

अभी कुछ दिन पहले उडीसा के एक निजी संस्थान में नेपाली छात्रा की आत्महत्या और प्रतिकार करने पर सैकडों नेपाली छात्रों को संस्थान से निकाल दिए जाने को लेकर नेपाल में भारी बवाल मचा है। इस दबाव में जांच समिति…

मानवता और सद्भाव जैसे मूल्यों की स्थापना के लिए संकल्पबद्ध और सत्याग्रहबद्ध हैं : चंदन पाल

सर्व सेवा संघ परिसर जमींदोज मामला : न्याय के दीप जलाएं सत्याग्रह का 14वां दिन वाराणसी, 24 सितंबर। सर्व सेवा संघ परिसर के जमींदोज के मामले में एक वर्ष पूर्ण होने पर सर्व सेवा संघ के परिसर में न्याय के…

सर्व सेवा संघ परिसर ध्‍वस्‍तीकरण : सत्याग्रह का उद्देश्य सत्य को मजबूत करना है

सौ दिनी सत्याग्रह का ग्‍यारह वें दिन में प्रवेश वाराणसी, 21 सितंबर। सर्व सेवा संघ के परिसर के ध्‍वस्‍तीकरण के एक वर्ष पूर्ण होने पर चल रहा 100 दिनी सत्याग्रह आज अपने 11 वें दिन में प्रवेश कर गया। सत्याग्रह…

गांधी पुण्‍य स्‍मरण : साकार गांधी,निराकार गांधी!

आज से 76 साल पहले महात्मा गांधी हम सबसे सदा के लिए विदा हुए थे। उनके जाने के बाद का समय हमारे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास का समय रहा है, लेकिन इस दौर में गांधी एक प्रस्थान–बिन्दु की तरह…

‘अंग्रेजो भारत छोड़ो’ : भारतीय स्वतन्त्रता के लिए तैयार की आन्दोलन ने पृष्ठभूमि

76 वें स्‍वतंत्रता दिवस पर विशेष हमारी आजादी के संघर्ष का अहम पडाव ’1942 का Quit India Movement ‘भारत छोडो’ आंदोलन भी रहा है। इस आन्दोलन से उत्पन्न चेतना के परिणामस्वरूप ही 1946 में जलसेना (नेवी) का विद्रोह हुआ, जिसने…

Gandhian Organisation : संस्थाओं को बचाना है ? पहले गांधी को बचाइए !

गांधी और सर्वोदय समाज के अधिकांश सेवक सिर्फ़ संस्थाएँ और उनकी ज़मीनें बचाना चाहते हैं, गांधी को नहीं ? वे संघ और भाजपा की भगवा सत्ता से इसलिए नहीं लड़ पाएँगे कि दोनों ही अपनी पूरी ताक़त के साथ सावरकर-गोडसे…