अकेलापन अब सिर्फ़ भावनात्मक अनुभव नहीं रहा, बल्कि यह धूम्रपान और मोटापे जितना घातक स्वास्थ्य संकट बन चुका है। यह युवाओं में आत्महत्या के जोखिम को कई गुना बढ़ाता है और बुजुर्गों में हृदय रोग व डिमेंशिया का बड़ा कारण…
नंदिता मिश्र आज हम जिस दुनिया में जी रहे हैं उसमें संचार और सम्पर्क के साधनों की कोई कमी नहीं है। जितना व्यक्तिगत सम्पर्क इस समय हो रहा है, इतना पहले कभी नहीं हुआ होगा। मोबाईल ने तो हमारी दुनिया ही…