मौजूदा विकास की बेहूदगी से किसी तरह अब तक बचे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के वाशिंदे चीख-चीखकर गुहार लगा रहे हैं कि अगले दस-पंद्रह सालों में उनके राज्यों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। आप यदि ध्यान से इन दिनों आने…
महात्मा गांधी के जन्मदिन के ठीक एक दिन पहले हजार किलोमीटर की पद और यदा-कदा वाहन यात्रा करके अपनी बात कहने आए कुल-जमा डेढ़ सौ लद्दाखियों को देश की राजधानी की सीमा पर रोकने की आखिर क्या वजह हो सकती…
इन दिनों हिमाचलप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश जैसे देश के उत्तरी राज्यों में बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। आम आबादी समेत वैज्ञानिक और राजनेता तक, सब जानते हैं कि इसकी बुनियादी वजह कथित विकास की खातिर अपेक्षाकृत नवजात पर्वत…
पूरे देश में तेजी से आगे बढ़ता इंदौर का सस्टेनेबिलिटी और वेस्ट मैनेजमेंट स्टार्टअप ‘स्वाहा’ फिर एक बार दुर्गम हिमालय की ऊंचाइयों पर स्थित बाबा अमरनाथ की गुफा यात्रा को पूर्णत: पर्यावरण सम्मत बनाएगा। इस हेतु उसका चयन पिछले वर्ष…
विकास के मौजूदा मॉडल के चलते हिमालय को एक ‘डूबती इकाई’ मानने वाले अनेक वैज्ञानिक, सामाजिक कार्यकर्ता अब भी उम्मीद कर रहे हैं कि सत्ता और सेठों की चौकडी को शायद अक्ल आ जाए और वे हिमालय में विकास को…
साठ के दशक में ‘नए भारत के तीर्थ’ माने गए बड़े बांध आजकल किस तरह की त्रासदी रच रहे हैं, इसे देखना-समझना हो तो केवल उत्तराखंड की यात्रा काफी होगी। गंगा और उसकी अनेक सहायक नदियों पर जल-विद्युत, सिंचाई और…
संदर्भः हिमाचल में पहाड़ दरकने की घटना हिमाचल-प्रदेश के किन्नौर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ भू-स्खलन इस बात का संकेत है कि आधुनिक विकास ने पूरे हिमालय क्षेत्र को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है। इस हादसे में…
इन दिनों देश में विकास का प्रकृति, पर्यावरण के साथ जबरदस्त संघर्ष चल रहा है। मानो एक युद्ध ही अनवरत चल रहा हो। आज की इन परिस्थितियों में ’विकास’ हमारी दुनिया का सबसे अधिक भ्रमपूर्ण शब्द बन गया है। आँखों…
खगोलीकरण और जलवायु परिवर्तन का दौर हिमालयी समाजों तथा प्रकृति दोनों के लिए चुनौती और चेतावनी भरा है,ये खतरे हमारे जीवन संसाधनों उत्पादन और जीवन पद्वति के लिए घंटी बजा चुके हैं। ऐसे में इन सबके प्रभाव को सरकारों और…