Gandhian values

महेंद्र भाई : मूल्यों की विरासत और सर्वोदय की पत्रकारिता

महेंद्रभाई की 23वीं पुण्यतिथि एक ऐसे सार्वजनिक जीवन को याद करने का अवसर है, जिसमें सादगी, सेवा और नैतिक दृढ़ता केंद्रीय मूल्य रहे। सर्वोदय प्रेस सर्विस के माध्यम से उन्होंने पत्रकारिता को सत्ता के समीप नहीं, समाज के पक्ष में…

माणकचंद कटारिया : अहिंसा और कर्म की साधना

स्वतंत्रता संग्राम के सक्रिय साक्षी और गांधीवादी विचारक माणकचंद कटारिया (1925–1977) का जीवन सेवा, वैचारिक स्पष्टता और आत्मसंयम की मिसाल है। बाल्यावस्था से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय कटारिया ने राजनीति से अधिक समाज-निर्माण को महत्व दिया। इस गांधीवादी विचारक की…

गांधी की तपोभूमि कौसानी में शराब दुकान का विरोध तेज़ – पद्मश्री राधा भट्ट ने CM Uttarakhand को लिखा पत्र

राम दत्त त्रिपाठी उत्तराखंड की शांत और आध्यात्मिक नगरी कौसानी, जो महात्मा गांधी के अनासक्ति आश्रम , लक्ष्मी आश्रम और साहित्यकार सुमित्रानंदन पंत के लिए प्रसिद्ध है, इन दिनों एक विवाद के केंद्र में है। राज्य सरकार ने हाल ही…

संघमित्रा  गाडेकर : जगहें तेज़ी से ख़ाली हो रही हैं, भर जरा भी नहीं रहीं !

संघमित्रा गाडेकर (उमा जी) की चुपचाप हुई विदाई के साथ जैसे एक युग भी विदा हो गया—राजघाट की स्मृतियाँ, सर्वोदय शिविरों की ऊष्मा और खादी में लिपटी उनकी शांत उपस्थिति अब स्मरण में रह गई हैं। वे एक चिकित्सक से…

कर्मयोगी और गांधीवादी मूल्‍यों के हिमायती धीरूभाई मेहता का अवसान

गांधी – विनोबा विचार से जुड़े अनेक संस्थानों ने अर्पित की भावपूर्ण श्रद्धांजलि 22 अप्रैल । 88 साल की उम्र में सोमवार को गांधी विचारक, चार्टर्ड अकाउंटेंट और सामाजिक जगत में सात दशकों से सक्रिय धीरू भाई मेहता का देहांत…