विन्सेंट शीन लिखते हैं कि गांधी ने पूरी दुनिया की आत्म का छू लिया था। गांधी पर 1927 में रेने फुलम मिलर ने एक किताब लिखी। उसका शीर्षक था- लेनिन एंड गांधी। लेकिन तब तक गांधी को गंभीरता से नहीं…
2 अक्टूबर : गांधी जयंती पर विशेष आज के समय में सर्वाधिक उपयुक्त,सक्षम और सर्वजन-हिताय विचार महात्मा गांधी की कथनी और करनी से लिए जा सकते हैं। गांधी के विचार केवल भारत या भारतीय उपमहाद्वीप भर के लिए नहीं हैं,…
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दीवार खड़ी करके अमरीकी सीमाओं को ‘सील’ करने की हरकत के चलते आजकल बीच बहस में खड़ा मध्य-अमेरिकी देश मैक्सिको आखिर किन संकटों से गुजर रहा है ? क्या वहां गांधी के अहिंसक औजार कारगर…
आज, महात्मा गांधी को विदा हुए सात दशकों बाद, कोई यदि उन्हें समझना, आत्मसात करना और जीवन में उतारना चाहे तो क्या करे? गांधी को साक्षात देखने और साथ काम करने वाले संगी-साथी और उनकी बनाई संस्थाएं अब नकारा हो…
महात्मा गांधी शोधपीठ में गांधीवादी दर्शन के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक आयामों पर वक्ताओं के उद्गार इंदौर, 22 अगस्त। वर्तमान समय में अगर हमें महात्मा गांधी के दर्शन को जीवित रखना है तो हमें उनके विचारों एवं मूल्यों की प्रासंगिकता…