fearful person

कब तक कहते रहेंगे कि कोई डर नहीं लग रहा ?

चारों तरफ़ भय और आतंक का माहौल है। नई-नई सत्ताएँ आए दिन प्रकट हो रही हैं जो नागरिकों को डरा रही हैं। सत्ता प्रतिष्ठान या तो नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करने में निकम्मा साबित हो रहा है या फिर अपराधी…

चिंतन : भय से भयभीत समाज

व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के लिए भय एक ऐसी बीमारी है जो सतत कमजोर करती है। लालच, प्रतिस्पर्धा, हायरार्की यानि श्रेणी-बद्धता आदि वजहों से भय फलता-फूलता है और नतीजे में एक-दूसरे से डरते हुए हम लगातार कमजोर होते जाते हैं।…