आम धारणा है कि सामाजिक कार्यकर्ताओं,खासकर गांधीवादियों को राजनीति से दूरी बनाए रखना चाहिए, लेकिन क्या बिना राजनीतिक हस्तक्षेप के कोई सामाजिक काम किया जा सकता है? कई गांधीवादियों का मानना है कि सत्ता की राजनीति में लगे दलों का…
राजेंद्र सिंह राठौर इन दिनों जैविक खेती organic farming की भारी धूम मची है और अब मुनाफा कूटने वाले बाजार ने भी इस पर अपना कब्जा जमा लिया है, लेकिन जैविक खेती करने वाले किसानों के साथ हो रही फजीहत…
साठ के दशक में लाई गई ‘हरित-क्रांति’ ने बेहद सीमित, खासकर गेहूं-चावल की, फसलों को बेतरह बढ़ावा दिया था, लेकिन इसने कई पौष्टिक, कम लागत की आसान फसलों को दरकिनार कर दिया था। क्या आज के दौर में फिर से…