आज पूरा देश आर्थिक दबाव से जूझ रहा है। सरकार खुद सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की संपत्ति पट्टे पर दे रही है या बेच रही है। केवल 1 प्रतिशत सबसे अमीर लोग ऐसे हैं जो इस सब से बिल्कुल अप्रभावित…
अपने हाथ से खुद की बदहाली करने का एक और उदाहरण हमारा पडौसी देश श्रीलंका है। वैसे तो पूंजी केन्द्रित मौजूदा आर्थिक ताने-बाने में कई देश, खासकर ‘तीसरी दुनिया’ कहे जाने वाले देश, लगातार बदहाली की गर्त में डूबते जा…
डॉ.कुमारप्पा अहिंसक अर्थव्यवस्था के जबरदस्त पैरोकार थे। गांधीजी के ग्रामोद्योग व ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विचारों को उन्होंने सबसे अच्छे ढंग से संप्रेषित किया। आजादी बाद भी उन्होंने सरकार को इस दिशा में कार्य करने की सलाह दी थी। गांधी जी…