Development for tribals

विकास के बरक्स आदिवासी संस्कृति

विकास के मौजूदा धतकरम के मुकाबले दुनियाभर के आदिवासियों की सभ्यता, संस्कृति, रहन-सहन, खान-पान आदि को देखें तो आसानी से समझा जा सकता है कि हम कथित आधुनिक लोगों को उनसे सीखकर खुद को बचा पाने की जरूरत है। क्या…

पलायन और विस्थापन नियति है आदिवासियों की

निमिषा सिंह देश की आबादी में अनुसूचित जनजाति के लोगों की तादाद 8.6% है, लेकिन विकास परियोजनाओं के कारण विस्थापित होने वाले लोगों की कुल संख्या में अनुसूचित जनजाति के लोगों की तादाद 40 प्रतिशत है। जाहिर है, जनजातीय लोगों को जो भारतीय संविधान की पांचवीं अनुसूची से आच्छादित हैं, भूमि-अधिग्रहण, विस्थापन…

संरक्षित जंगलों में असुरक्षित आदिवासी

पिछले कुछ सालों से आदिवासियों, वन-निवासियों की एकजुटता, संघर्ष और लगातार बढ़ती ताकत के चलते उनके हित में अनेक कानून बने हैं, सरकारें भी उन्हें संरक्षण देने की घोषणाएं करती रहती हैं, लेकिन क्या सचमुच इन प्रयासों से आदिवासियों का…

आदिवासी संगठन के प्रयास से बंधुआ मजदूरी में फंसे 250 आदिवासियों की वापसी

महाराष्ट्र– कर्नाटक के ठेकेदार एवं फ़ैक्ट्ररी मालिकों द्वारा बंधुआ मजदूरी में धकेले जा रहे है प्रदेश के आदिवासी बड़वानी। गहराते कृषि संकट, बेरोजगारी और महंगाई के कारण अपना गुजारा करने के लिए मध्‍यप्रदेश के लगभग 250 मजदूर-आदिवासियों को जागृत आदिवासी…