Chipko Andolan

चंडीप्रसाद भट्ट : जिंदगी भर पहाड़ में रहकर पहाड़ को संवारते

23 जून : 90 वां जन्‍म दिवस प्रसंग देश के पहले आधुनिक पर्यावरणविद और गांधी विचारक के रूप में ख्यात चंडीप्रसाद भट्ट आज अपने जीवन के 90 वें वर्ष के पायदान को छूने जा रहे है। जीवन के महत्‍वपूर्ण पड़ाव…

Chipko Movement चिपको आंदोलन 51 वीं वर्षगांठ : देश में वनों के संरक्षण के लिए फिर इसकी जरूरत

पेड़ों को कटने से बचाने हेतु हिमालय क्षेत्र में पैदा विश्व प्रसिद्ध चिपको आंदोलन के 51 वर्ष पूर्ण हो रहे है। आज 26 मार्च को दुनिया के सुप्रसिद्ध चिपको आंदोलन के 51 वर्ष पूर्ण हो रहे है। पेड़ों को लिपटकर…

बहुआयामी सुंदरलाल बहुगुणा

दुनियाभर को चिपको आंदोलन के जरिये पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश देने वाले हिमालय रक्षक कहे जाने वाले सुंदरलाल बहुगुणा हाल ही में दुनिया से बिदा हो गए। महात्मा गांधी के विचारों को आत्‍मसात करके बहुगुणाजी ने प्रकृति, पेड़, पहाड़…

आश्‍वासन मिलने के बाद ही जुलिया 728 दिन बाद पेड़ से नीचे उतरी

आज हुई थी विश्व प्रसिद्ध चिपको आंदोलन की शुरूआत उत्तराखंड के रेणी गांव निवासी श्रीमती गौरादेवी ने भी 26 मार्च, 1974 की रात को अन्य महिलाओं के साथ जागकर पेड़ों की कटाई रूकवाकर विश्व प्रसिद्ध चिपको आंदोलन की शुरूआत की…

एनजीओ की बढती अप्रासंगिकता

‘सेवा,’ ‘विकास,’ ‘राजनीतिक प्रशिक्षण’ और ‘गैर-दलीय राजनीति’ के इन विभिन्‍न सोपानों से गुजरे और मौजूदा भेडियाधसान में ‘एनजीओ’ पुकारे जाने वाले इन व्‍यक्तियों, समूहों के बीच समझ, तेवर और उद्देश्‍यों को लेकर गहरी भिन्‍नता रही है। अव्‍वल तो, परिभाषा से…

बारहनाजा : पौष्टिकता और औषधीय गुणों से भरपूर

बारहनाजा शब्द आपको किसी शब्दकोश में ढूंढ़ने से नहीं मिलेगा। यह शब्द कृषि विज्ञानियों के मानस में भी नहीं है, किंतु पारंपरिक कृषि विज्ञान के पारखी उत्तराखंड के किसान इसे पीढ़ियों से जानते हैं और समझते हैं। बारहनाजा का शाब्दिक…