हथकरघा बोर्ड

हथकरघा के हाल, बेहाल

देश में आज भी कृषि के बाद दूसरा, सर्वाधिक रोजगार देने वाला हैन्डलूम क्षेत्र, जिसमें आजादी के आंदोलन की प्रतीक खादी भी शामिल है, किस हाल में है? अनुभव और आंकडे बताते हैं कि सरकारी नीतियों और उनके अमल ने…

आत्मनिर्भर भारत में बंद होता ‘हथकरघा बोर्ड’

हमारे यहां समाज, संस्‍कृति और श्रम की एक धुरी हस्‍तशिल्‍प भी रही है। इसीलिए आजादी के पहले और बाद में भी हथकरघा उत्‍पादन स्‍थानीय संसाधनों के उपयोग, निजी श्रम और आपसी लेन-देन की खातिर अहमियत पाते रहे हैं। अब हस्‍तशिल्‍प…