पर्यावरण

Russia-Ukraine War : पर्यावरण के लिए भी घातक है, युद्ध

असंख्य इंसानों की प्रत्यक्ष मौतों के अलावा युद्धों से पीढी-दर-पीढी चलने वाली पर्यावरण की बर्बादी भी होती है। विडंबना यह है कि यह किसी को दिखाई तक नहीं देती। इन दिनों रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में भी…

पांच राज्यों में चुनाव : खारिज होता पर्यावरण

पांच राज्यों की विधानसभाओं के आसन्न चुनावों में हमेशा की तरह वे सभी धतकरम किए जा रहे हैं जिन्हें हमारे मौजूदा तर्ज के लोकतंत्र ने आत्मसात कर लिया है, लेकिन क्या इस धमा-चौकडी में हमारे जीवन के लिए जरूरी पर्यावरणीय…

सुन्दरलाल बहुगुणा : प्रेरक ऊर्जा देने वाले पुंज

सुन्दरलाल बहुगुणा जी उच्च संत है। कलयुग में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षक है। प्राकृतिक मित्र तो अपना आयु का काल पूरा ही करते है। उन्हें कोविड़ ने आज हमारे से अलग कर दिया है। यह बेहद दुखद है। सुन्दरलाल बहुगुणा…

मध्यप्रदेश के बकस्वाहा जंगल के काटने की खबर पर गोलबंद हुए देश भर के पर्यावरण प्रेमी

करीब 382 हेक्टेयर पर लगे जंगल पर है नजर महज चंद लाभ के लिए पर्यावरण से हो रही छेड़छाड़ मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के बकस्वाहा जंगल को काटे जाने की खबर पर देश भर के पर्यावरण प्रेमी गोलबंद होने लगे…

साफ पर्यावरण के लिए भी याद किया जाएगा, लॉकडाउन

कहावत है कि ‘फिसल पडे की हर गंगा,’ यानि गलती से फिसल गए तो हर गंगा कहकर डुबकी मार ली और पुण्‍य कमा लिया। कोविड-19 के दौर में कुछ ऐसा ही हुआ है। बीमारी से बचने की खातिर देशभर में…

विश्व-समाज की जिम्मेदारी है, पृथ्‍वी को बचाने की

22 अप्रैल : विश्‍व पृथ्‍वी दिवस    इक्कीसवीं सदी आते-आते पर्यावरण की बदहाली ने हमें लगातार उसे याद रखने की मजबूरी के हवाले कर दिया है। विश्व पृथ्वी दिवस को वैश्विक जलवायु (Global warming) संकट के प्रति जागरुकता लाने के…

कृषि की राह में कारपोरेट रोडे

दुनियाभर में कृषि का मौजूदा तरीका अब सवालों के घेरे में आता जा रहा है। उत्पादन में गैर-जरूरी वृद्धि पर आधारित यह तरीका पर्यावरण, पानी, जमीन, हवा जैसे कृषि के प्राकृतिक उपादानों को खतरे में डाल रहा है और कहीं-कहीं…

बजट में पर्यावरण

आधुनिक ‘विकास’ और पर्यावरण एक-दूसरे के जानी दुश्मन माने जाते हैं और इस अखाडे में सरकारें विकास की तरफदार। ऐसे में पर्यावण सुधार के लिए बजट प्रावधान सुखद माने जा सकते हैं। कोराना काल के बाद केंद्र सरकार ने एक…

नर्मदा रेत खनन : जनता के साथ जलवायु का कबाड़ा

इमारतों के निर्माण में रेत यानि सिलिका बहुत अहम भूमिका निभाती है, लेकिन क्‍या ‘जीडीपी’ में सर्वाधिक योगदान करने वाली इस गतिविधि को आम लोगों और उनके साथ पर्यावरण को उजाडने की छूट दी जा सकती है? इन दिनों मध्‍यप्रदेश,…

कुछ जरूरी भी सिखा-समझा रहा है, कोरोना

‘लॉक डाउन’ को देर-सबेर निपट जाने वाला संकट न मानते हुए इस दौर में कुछ अच्‍छी आदतें सीख लेना यूं तो कोई बुरा भी नहीं है, लेकिन रोजमर्रा की आम-फहम आदतों की तब्‍दीली कई बुनियादी सवालों की तरफ इशारा करती…