महात्मा गांधी अपनी मृत्यु के बाद और भी युवा होते जा रहे हैं। युवा अवस्था महज शरीर में तेजी से दौड़ने वाले हार्मोन को नहीं कहते। वह विचारों का ऐसा केमिकल लोचा है जो खत्म होने का नाम ही नहीं…
करीब 13 लंबे सालों तक महात्मा गांधी के घर की हैसियत का ‘साबरमती आश्रम’ पिछले दो साल से सरकार के पर्यटन उद्योग की निगाहों में चढ गया है। नतीजे में गांधी की सादगी, शुचिता और किफायत के मूल्यों को ठेंगे…
महात्मा गांधी की रचनात्मक विरासत को संभालने वाले विनोबा भावे अपनी किन मान्यताओं और उन पर आधारित कैसे व्यवहार की वजह से जाने-पहचाने जाते हैं? और एक आम व्यक्ति की हैसियत से इसे कैसे समझा जा सकता है? प्रस्तुत है,…
दुनियाभर में वापरी जा रही लोकतांत्रिक प्रणाली व्यवहार में कितनी कारगर है, यह उसके मैदानी अमल से उजागर होता रहता है। व्यक्ति और समाज के स्तर पर लोकतंत्र के कसीदे काढने वाले अपने निजी, राजनैतिक और सामाजिक जीवन में कितने…
96 वर्षीय गांधीवादी, स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री सुमनताई का निधन सेवाग्राम, 3 मई । गांधीवादी, स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री सुमनताई का आज 3 मई 21 (सोमवार) को कस्तूरबा अस्पताल में निधन हो गया। वे 96 वर्ष…
22 अप्रैल : विश्व पृथ्वी दिवस इक्कीसवीं सदी आते-आते पर्यावरण की बदहाली ने हमें लगातार उसे याद रखने की मजबूरी के हवाले कर दिया है। विश्व पृथ्वी दिवस को वैश्विक जलवायु (Global warming) संकट के प्रति जागरुकता लाने के…
प्रधानमंत्री की अगुआई में देशभर में ‘आत्मनिर्भरता’ की दुंदुभी बज रही है। लगभग हरेक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की जुगत बिठाई जा रही है, लेकिन क्या मौजूदा विकास के ताने-बाने के साथ-साथ वास्तविक आत्मनिर्भरता संभव हो सकेगी? क्या इस आत्मनिर्भरता…
केन्द्र सरकार द्वारा बनाए गए दो कानूनों और एक संशोधन के विरोध में इन दिनों देशभर में किसानों ने आंदोलन खडे कर रखे हैं। इन आंदोलन की बुनियादी मांगों के साथ गांधी की तजबीज भी जुड जाए तो कैसा हो?…
आज की राजनीतिक जमातों, उनकी उठा-पटक और सत्ता पर चढने-उतरने की उनकी कवायद के बरक्स गांधी को रखकर देखें तो क्या नतीजे निकलते हैं? क्या गांधी ने इस तरह की राजनीतिक विरासत की कल्पना भी की थी? हाल में किसानों…
विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में सुश्री ज्योति बहन सभी के उदय का जिस शब्द में समावेश है वह सर्वोदय है। किसी भी समाज के विकास में वैचारिक स्वातंत्र्य की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।…