मुरैना/ग्वालियर। एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष, वरिष्ठ गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता एवं महात्मा गांधी सेवा आश्रम के पूर्व सचिव रन सिंह परमार का 13 मार्च को छत्तीसगढ़ के तिल्दा ( रायपुर) में आयोजित आदिवासी सम्मेलन के दौरान आकस्मिक निधन हो गया था। उनके निधन से देशभर में सामाजिक आंदोलनों से जुड़े कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है।
14 मार्च को उनका पार्थिव शरीर ग्वालियर लाए जाने के बाद अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, किसानों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव मृगपुरा (जिला मुरैना) ले जाया गया। गांव में निकली उनकी अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए और नम आंखों से उन्हें विदाई दी। उनके बड़े पुत्र अनूप सिंह परमार ने मुखाग्नि दी।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मुरैना श्योपुर के सांसद शिवमंगल सिंह तोमर, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनूप मिश्रा, जौरा विधायक, पंकज उपाध्याय, राजस्थान सरकार के पूर्व महाधिवक्ता गिरधारी सिंह बाफना, राजस्थान गौशाला गौसेवा के अध्यक्ष हनुमान भाई, नशामुक्ति आंदोलन के धर्मवीर कटेवा, जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रोफेसर राहुल रामागुंडम, एकता परिषद के संस्थापक राजगोपाल पी.वी., जल पुरुष राजेंद्र सिंह, एकता परिषद के संयोजक रमेश शर्मा एवं अनीश कुमार, सप्रेस के संपादक राकेश दीवान, गांधी भवन न्यास के सचिव अंकित मिश्रा, निर्दलीय पत्रिका के अभिषेक अज्ञानी, राष्ट्रीय युवा योजना के कोषाध्यक्ष सुकुमारन (केरल), किसान नेता पी.टी. जान, बिहार के सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप प्रियदर्शी, मंजू डुंगडुंग, नीरज कांस्यकार, अरुणाचल प्रदेश के हरिविश्वास, हरियाणा के सुरेश राठी, नई दिल्ली के सुभाष मावई एवं धर्मेंद्र, मुंबई के यतीश भाई मेहता, उत्तरप्रदेश के राकेश दीक्षित एवं अनिल गुप्ता, एकता फाउंडेशन के जितेंद्र, मानव जीवन विकास समिति के निर्भय सिंह, नवरचना समाजसेवी संस्था के संतोष सिंह, छत्तीसगढ़ की श्रद्धा कश्यप तथा जय जगत आंदोलन की जिल कार हैरिस, वैशाली नदी आंदोलन के मनीष राजपूत, बुंदेलखंड के जल पुरुष संजय सिंह सहित देशभर से आए उनके सहयोगी एवं शुभचिंतक उपस्थित रहे।
गांधी आश्रम के प्रबंधक प्रफुल्ल श्रीवास्तव, दिलीप जैन, कमल गुप्ता, अनिल गुप्ता और मध्य प्रदेश एकता परिषद के प्रांतीय संयोजक,डोंगर शर्मा सहित टीकमगढ़, श्योपुर, अशोकनगर, गुना और अन्य जिलों से बड़ी संख्या में आदिवासी एवं किसान नेता भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए गांधी विचारक राजगोपाल पी.वी. ने कहा कि रन सिंह परमार ने जीवनभर आदिवासियों, दलितों और भूमिहीनों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और एकता परिषद को राष्ट्रीय जनआंदोलन के रूप में मजबूत किया।

राजेंद्र सिंह ने कहा कि उनका जीवन सादगी, समर्पण और सामाजिक न्याय के संघर्ष की मिसाल रहा है। वहीं राहुल रामागुंडम ने कहा कि गांधीवादी मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।
मृगपुरा निवासी रन सिंह परमार ने कृषि में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद प्रख्यात गांधीवादी सुब्बरावजी के मार्गदर्शन में सामाजिक कार्य की शुरुआत की। उन्होंने लगभग चार दशकों तक महात्मा गांधी सेवा आश्रम में सेवाएं दीं और राष्ट्रीय युवा योजना तथा एकता परिषद के माध्यम से भूमि अधिकार, सामाजिक न्याय और आदिवासी अधिकारों के लिए कई महत्वपूर्ण आंदोलनों का नेतृत्व किया।
केंद्रीय गांधी स्मारक निधि के सचिव व गांधी भवन न्यास के अध्यक्ष संजय सिंह ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि रन सिंह परमार एक कुशल संगठक, संवेदनशील सामाजिक कार्यकर्ता और जनआंदोलनों के समर्पित साथी के रूप में जाने जाते थे। वंचित और कमजोर समुदायों के अधिकारों के लिए वे सदैव अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे। समाज में न्याय, समानता और मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनका इस प्रकार अचानक चला जाना सामाजिक क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके विचार, संघर्ष और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।
सामाजिक कार्यकर्ता कुमार सिद्धार्थ एवं डॉ सम्यक जैन ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. रन सिंह परमार अपने सरल स्वभाव, सहज व्यक्तित्व और निरंतर मुस्कान के लिए जाने जाते थे। युवावस्था में उन्होंने अपने जीवन में कई बदलाव किए और स्वयं को पूरी तरह गांधीवादी जीवन मूल्यों अहिंसा, सत्य और सेवा के लिए समर्पित कर दिया।
उनके निधन को सामाजिक आंदोलनों के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। कल जौरा स्थित महात्मा गांधी सेवा आश्रम में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई हैं। 16 मार्च दिन सोमवार शाम 4 बजे से गांधी आश्रम, जौरा में और 18 मार्च दिन बुधवार समय 3 से बजे गुप्ता बैंकेट हॉल, माधव पूरा की पुलिया मुरैना में डॉ परमार की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा रखा गया है।


