समसामयिक

रेत खनन और पर्यावरणीय मंजूरी पर सर्वोच्‍च फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिना नदी पुनर्भरण अध्ययन के जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट मान्य नहीं होगी। पर्यावरणीय स्वीकृति तभी दी जा सकती है, जब जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में नदी की वार्षिक प्राकृतिक पुनर्भरण क्षमता का आकलन शामिल हो। सुप्रीम कोर्ट…

NCERT module : विभाजन की अपूर्ण कथा और इतिहास की चुनिंदा प्रस्तुति

भारत विभाजन की त्रासदी को लेकर सत्ता समर्थक लेखक और एनसीईआरटी का नया मॉड्यूल इतिहास को अधूरा व पक्षपाती रूप में पेश करते हैं। हिंदू महासभा-आरएसएस की भूमिका गायब है, नेहरू–पटेल का असमान चित्रण है और अंग्रेज़ों की जिम्मेदारी को…

आजादी पर्व : क्‍या बोल के लब आजाद है तेरे?

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक महिलाओं ने साहस, त्याग और नेतृत्व से देश का गौरव बढ़ाया है। रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फुले, सरोजिनी नायडू से लेकर निर्मला सीतारमण और पीवी सिंधु तक, स्त्रियों ने हर क्षेत्र में अपनी छाप…

स्वतंत्रता दिवस : स्वराज्य से स्वधर्म तक

लगभग आठ दशकों की आजादी के बाद हम कहां, कैसे और किन हालातों में पहुंचे हैं? यदि कोई कभी इन सवालों के जवाब जानना चाहे तो उसे उन सपनों को खंगालना पड़ेगा जो हमने अपनी आजादी के बरक्स बुने थे।…

Independence day 2025 : कुहासे में लोकतंत्र

आजादी के नतीजे में हमें जो सर्वाधिक काम की बात मिली है, वह है लोकतंत्र, लेकिन क्या हम उसे ठीक तरह से वापर रहे हैं? क्या आज, 78 साल बाद एक देश, एक समाज और एक राज्य की हैसियत से…

दिल्ली में लैंडफिल गैसें बन रही हैं मुसीबत

दिल्ली और एनसीआर में फैले लैंडफिल ठिकाने सिर्फ कचरे के ढेर नहीं, बल्कि हवा और पानी को ज़हर बना देने वाले खतरनाक गैस कारखाने हैं। यहां से निकलने वाली मीथेन और अन्य जहरीली गैसें वायु प्रदूषण, स्वास्थ्य संकट और आग…

आदिवासी जीवन एवं प्रकृति दर्शन : टिकाऊ भविष्य की ओर

हर वर्ष 9 अगस्त को मनाया जाने वाला विश्व आदिवासी दिवस, उन समुदायों के जीवन दर्शन और प्रकृति संग सह-अस्तित्व की अनूठी परंपरा को सम्मानित करने का अवसर है। जंगल, जल और जमीन से गहरे जुड़े आदिवासी समाज का ज्ञान,…

World Indigenous Day : मौजूदा विकास के विपरीत है,  आदिवासी जीवन  

आदिवासी समाज की बदहाली को देखना-समझना चाहें तो आसानी से उस संवेदनहीनता पर उंगली रखी जा सकती है जिसे लेकर सत्ता, सेठ और समाज आदिवासियों को अपनी तरह के विकास की चपेट में फांसने में लगे हैं। कमाल यह है…

प्राकृतिक आपदा : उत्तराखंड में जल-प्रलय

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में खीरगंगा और धराली में फटे बादलों ने एक बार फिर देवभूमि को तबाही के कगार पर ला खड़ा किया है। 50 से अधिक घर, 30 होटल और 100 से ज्यादा लोग लापता हैं। यह कोई आकस्मिक…

नागासाकी : अनुशासन, मौन और शांति का समवेत स्वर

पिछले साल नवंबर में हमारे द्वारा की गई जापान यात्रा के दौरान जब हम नागासाकी पहुँचे, तो वह पल केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अनुभव बन गया। शांति और विनाश की स्मृतियों से घिरे इस शहर ने हमें…