डेढ़ दशक पहले खारिज की गई उत्तराखंड की ‘लोहारीनाग पाला जलविद्युत परियोजना’ अब अपने अंत की शुरुआत में है, लेकिन क्या समझ का यह कमाल हिमालय के सभी पहाड़ी राज्यों में एक-सा लागू होगा? क्या इस परियोजना के ‘अंत’ से…
हिमालय सरीखे नए पहाडों में बढ़ रहे हिमस्खलन बड़े संकटों की वजह बनते जा रहे हैं। कमाल यह है कि इन हिमस्खलनों को भुगतकर नवनिर्माणों पर कडाई से रोक लगाने की बजाए इन्हें विकास कहा जा रहा है और भारी-भरकम…
हिमालय में जारी विनाश की वजह क्या सिर्फ भगवानजी की बरसाई जा रही आपदा या ‘जलवायु – परिवर्तन’ भर है? क्या इसमें हम इंसानों की भी कोई भागीदारी है? जैसे ऊर्जा, बाढ़-नियंत्रण और सिंचाई के कथित लाभों के लिए इफरात…
मौजूदा विकास की बेहूदगी से किसी तरह अब तक बचे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के वाशिंदे चीख-चीखकर गुहार लगा रहे हैं कि अगले दस-पंद्रह सालों में उनके राज्यों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। आप यदि ध्यान से इन दिनों आने…
विपिन जोशी की रिपोर्ट कौसानी की चाय अपनी अनूठी सुगंध और गुणवत्ता के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है, जो उच्च कीमतों पर बिकती है। लेकिन इस चाय को आपके प्याले तक पहुंचाने वाले गरीब किसानों और श्रमिकों को उनके…