कृषि संसार

खेती को खोखला कर देंगी, जीएम फसलें

दबावों के बावजूद यूरोपियन यूनियन (ईयू) के 27 देशों समेत कई देशों में प्रतिबंधित ‘जीनेटिकली मॉडीफाइड’ फसलों को दुनियाभर में पैदावार बढ़ाने के तर्क की बुनियाद पर फैलाया जा रहा है, हालांकि सब जानते हैं कि इसके पीछे अमरीकी बहुराष्ट्रीय…

उत्तराखंड : खुद के भरोसे की खेती

अपनी समझ और संसाधनों की उपलब्धता के चलते किसान कई बार खेती की ऐसी पद्धति वापरते हैं जिससे एक तरफ तो पर्यावरण का संरक्षण होता है और दूसरी तरफ, जीवन जीने लायक उपज मिल जाती है। हिमालय के सुदूर ग्रामीण…

खेती : छोटे किसानों की छीछालेदर

कृषि अर्थव्यवस्था के जानकार मानते हैं कि खेती को बरकरार रखने, विकसित करने और सबका पेट भरने की अधिकांश जिम्मेदारी छोटे और सीमांत किसान ही निभाते हैं। जहां 70% ग्रामीण परिवार अभी भी अपनी आय के प्राथमिक स्रोत के रूप…

कृषि संंसार : जीवन-दायिनी है, ज़हरमुक्त खेती 

मौजूदा कृषि कितनी जहरीली है और उसकी पैदावार के कितने खतरनाक प्रभाव हो रहे हैं, इसे जानने के लिए किसी रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं है। सवाल है, क्या हम अपने आसपास से लगाकर वैश्विक स्तर के अनुभवों से सीखकर…

भारतीय किसानों की जैविक-खेती : अलबर्ट हॉवर्ड ने दिलाई थी याद

उन्नीसवीं सदी में औद्योगिक क्रांति के साथ खेती में रसायनों का प्रयोग और नतीजे में अधिक लागत से अधिक उत्पादन का चलन शुरु हुआ था। इस कथित कृषि-विकास के परिणामों पर बीसवीं सदी की शुरुआत में कृषि-वैज्ञानिक अलबर्ट हावर्ड ने…

परमार्थ : गांव में टिकाऊ आजीविका

थोडी समझदारी और सहयोग से काम किया जाए तो खेती आज भी रोजगार का बेहतरीन जरिया बन सकती है। उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में सक्रिय स्वयंसेवी संस्था ‘परमार्थ’ ने इसी का प्रयास किया है। सोना सहरिया एक आदिवासी महिला है…

फसल बीमा : कंपनियों ने लूटे हजारों करोड़

प्राकृतिक और मानवीय त्रासदियों के कारण खेती में होने वाले नुकसान से निपटने के लिए सरकार ने बीमा-योजना बनाई है। कहा जा रहा है कि मामूली प्रीमियम देकर किसान आपदाओं से खुद को सुरक्षित कर सकता है, लेकिन देशी-विदेशी कंपनियों…

करुणाताई फुटाणे : करुणा से ओतप्रोत, जैविक खेती के लिए समर्पित जीवन

स्‍मृति शेष : करुणाताई फुटाणे गांधी विचारक ग्रामसेवा मंडल गोपुरी की अध्यक्ष करुणाताई फुटाणे का 66 वर्ष की आयु में 3 अगस्‍त सुबह 6 बजे गोपुरी स्थित उनके घर पर निधन हो गया। वह कई दिनों से बी.पी.और शुगर से…

आत्महत्याओं के साथ मानसिक बीमारियों में भी फंसा है, किसान

पार्थ एम.एन. अब तक किसानों की व्याधियों के नतीजों में सबसे ऊपर आत्महत्याएं भर थीं, लेकिन हाल के अध्ययन बता रहे हैं कि मानसिक बीमारियों ने भी किसानों को हलाकान कर रखा है। क्या है, किसानों के मनोविकार की वजहें?…

organic farming जैविक कृषि के किसान की पीड़ा : अथ श्री जैविक प्रमाणीकरण कथा . . .

राजेंद्र सिंह राठौर इन दिनों जैविक खेती organic farming की भारी धूम मची है और अब मुनाफा कूटने वाले बाजार ने भी इस पर अपना कब्जा जमा लिया है, लेकिन जैविक खेती करने वाले किसानों के साथ हो रही फजीहत…