सचिन श्रीवास्तव

Baxwaha: प्राकृतिक संसाधन की लूट और विरोध के बीच पिसता ग्रामीण समाज

बक्सवाहा (Baxwaha) में हीरा खनन की सरकारी कोशिशों और नागरिकों के विरोध पर तदर्थ कमेटी की रिपोर्ट मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में बक्सवाहा का नाम इन दिनों सरकार, कारपोरेट, सामाजिक संगठन और पर्यावरण प्रेमियों की जुबान पर है। वजह…

कोरोना से मौत एक बड़ा झूठ है !

कोरोना से मौत एक बड़ा झूठ है। इसे सरकार, सरकार समर्थक और सरकार विरोधी मीडिया, पक्ष, विपक्ष और हम सब भी बहुत बार दोहरा रहे हैं। इसी वजह से सच सात तहों के भीतर छुप गया है। जहां से इस…

डिजिटल दुनिया पर निगरानी के नियम

पिछले महीने सूचना प्रौद्योगिकी के नियमन की खातिर लाए गए कानून ने देशभर में व्यापक बहस खडी कर दी है। आखिर क्या हैं, ये कानून? और कैसे इनसे विशाल डिजिटल संसार पर नियमन हो पाएगा? मौजूदा केंद्र सरकार अपने पिछले…

कारपोरेटीकरण का बजट

दो दिन पहले आए केन्द्र के बजट पर प्रधानमंत्री ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि पिछले सालभर में कई ‘मिनी बजट’ आते रहे हैं और इस बार का बजट इसी श्रंखला का एक और पडाव भर होगा। एक फरवरी…

2020 और 2021 के भोपाल का फर्क, उर्फ ठंड कुछ ज्यादा है इस बार !

किसान आंदोलन भोपाल में दो कदम आगे बढ़ा है। नीलम पार्क पर जहां प्रशासन ने बैठने भी नहीं दिया है, तो वहीं मंडी गेट पर दो दिन तक नारों और भाषणों का दौर जारी रहा। अब आगे भी सीमित ताकत,…

क्या अब किसानों के शाहीन बाग तैयार करना चाहती है केंद्र सरकार?

क्या केंद्र सरकार एक बार फिर “शाहीन बागों” का विरोध झेलने को तैयार है? या वह खुद ही किसानों को “शाहीन बाग” बनाने के लिए मजबूर कर रही है? और क्या किसान खुद इस तरह के लंबे और शांतिपूर्ण आंदोलन…

कोरोना-काल में सेक्स वर्कर्स

कोरोना काल में देश के 14 करोड़ से ज्यादा परिवारों की रोजी-रोटी पर असर पड़ा है। इनमें समाज के हाशिये पर रहने वाले समुदायों की आजीविका सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। इन्हीं में सेक्स वर्कर्स समुदाय भी शामिल है। प्रस्‍तुत…

आधी आबादी से अब भी दूर है, ‘की-बोर्ड’ और ‘टचस्क्रीन’

आप चाहें, न चाहें, ‘डिजिटल मीडिया’ धीरे-धीरे सभी की बुनियादी जरूरत बनता जा रहा है। लेकिन क्‍या महिलाओं की हमारी आधी आबादी तक भी विज्ञान का यह चमत्‍कार पहुंच पा रहा है? क्‍या वे उतनी ही आसानी से ‘स्‍मार्ट-फोन’ की…